भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहज़ाद पूनावाला ने निजी कारणों का हवाला देते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और अपने X बायो को अपडेट किया है। यह इस्तीफा ऐसे समय आया है जब बीजेपी छात्र आंदोलन को कुचलने के आरोपों से घिरी हुई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे शाहज़ाद पूनावाला ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर अपना बायो भी अपडेट कर दिया है, जिसमें से बीजेपी का कोई उल्लेख हटा दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, शाहज़ाद पूनावाला ने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंपा है और इसके पीछे 'निजी कारणों' का हवाला दिया है। इस संबंध में अभी तक पूनावाला या भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई औपचारिक (आधिकारिक) बयान जारी नहीं किया गया है।उनके अपडेटेड X बायो में बीजेपी या 'राष्ट्रीय प्रवक्ता' के पद का कोई जिक्र नहीं है।
पीएम मोदी का उल्लेख: बायो में बीजेपी का नाम हटाने के बावजूद उन्होंने खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का "आजीवन अनुयायी" (lifelong follower) बताया है। इसी तरह उन्होंने अपना धर्म इस्लाम बताया लेकिन कल्चर हिन्दू बताया है।
राजनीतिक गलियारों में इस अचानक हुए घटनाक्रम की चर्चा तेज़ है। टीवी मीडिया रिपोर्ट्स (CNN-News18) के मुताबिक, पूनावाला ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क कर अपने पद और प्राथमिक सदस्यता से हटने की मंशा जताई।
शाहज़ाद पूनावाला पिछले कुछ वर्षों से टीवी डिबेट्स और मीडिया में भारतीय जनता पार्टी का एक प्रमुख और प्रखर चेहरा रहे हैं। वे कांग्रेस पार्टी से अलग होने के बाद बीजेपी में शामिल हुए थे और उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया था। वो नेता विपक्ष राहुल गांधी की आलोचना की कीमत पर बीजेपी में आए थे। बीजेपी में रहते हुए उन्होंने राहुल गांधी की आलोचना में कोई कसर नहीं रखी।
कहा जा रहा है कि शहज़ाद पूनावाला ने बीजेपी में ससम्मान लौटने की गुंजाइश छोड़ी हुई है। जैसे वे अभी भी पीएम मोदी के फॉलोअर और प्रशंसक बने हुए हैं। इसी तरह उन्होंने आरएसएस की लाइन भी पकड़ रखी है, जिसका मानना है कि भारत में रहने वाले का धर्म कोई भी हो, वो हिन्दू है। शहज़ाद पूनावाला ने भी अपने कल्चर को हिन्दू बता रखा है, जबकि अपना धर्म उन्होंने इस्लाम लिखा है। आमतौर पर लोग सोशल मीडिया बायो में धर्म और कल्चर का जिक्र बहुत कम करते हैं।
फिलहाल, पूनावाला या बीजेपी की ओर से इस्तीफे को लेकर सार्वजनिक तौर पर औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।