बीजेपी में अहम पदों पर बैठे कई नेताओं ने दीपिका को जेहादी, पाकिस्तान परस्त और टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थक बताया है।
अब इस विवाद में मोदी सरकार की मंत्री स्मृति ईरानी भी कूद गई हैं। स्मृति ईरानी ने कहा है कि दीपिका ने 2011 में अपने राजनीतिक जुड़ाव के बारे में स्पष्ट कर दिया था कि वह कांग्रेस का समर्थन करती हैं।
लेकिन बीजेपी को यहां यह बताना पड़ेगा कि जो दीपिका पादुकोण कभी उसके लिए देशभक्त थीं वह अचानक देशद्रोही, पाकिस्तानी, जेहादी कैसे हो गईं। 2013 में जब नरेंद्र मोदी बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार थे तब उन्होंने 18 से 24 साल के युवाओं को वोटिंग के प्रति जागरूक करने के लिए एक अभियान लांच किया था और दीपिका से अपील की थी कि वह इस अभियान में मदद करें। नवंबर, 2016 में जब प्रधानमंत्री ने नोटबंदी की थी तो दीपिका ने उनके इस क़दम का समर्थन किया था और इसे असाधारण क़दम बताया था। तब तक दीपिका को यही दक्षिणपंथी संगठन देशभक्त बताते थे।
पिछले कई सालों से यह हो रहा है कि हर वह शख़्स जो मोदी सरकार की नीतियों से इत्तेफ़ाक नहीं रखता, उसे देशद्रोही साबित कर दिया जाता है। हर वह शख़्स जो कश्मीर में स्थितियां सामान्य करने की बात करे उसे पाकिस्तानी घोषित कर दिया जाता है।