NEET-UG 2026 परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के विरोध में पिछले 26 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे मशहूर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार (24 जुलाई) को अपना अनशन खत्म कर दिया। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और पीएमओ राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने अपना उपवास तोड़ा।

केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने वांगचुक को पेय पदार्थ पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। इस दौरान उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो और 'लेह एपेक्स बॉडी' के वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद थे।


केंद्र का आश्वासन: छात्रों पर नहीं होगी कानूनी कार्रवाई

केंद्र सरकार और सोनम वांगचुक के बीच कई दौर की बातचीत के बाद यह गतिरोध समाप्त हुआ।

  • कानूनी राहत का वादा: केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सीजेपी (Cockroach Janta Party) के छात्रों, युवाओं और 20 जुलाई को संसद मार्च में हिस्सा लेने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई (केस/FIR) नहीं की जाएगी।

  • हिंसा रोकने की अपील: वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी देते हुए कहा कि देश में संभावित हिंसा की आशंका को टालने और लंबे विचार-विमर्श के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है।

  • 65 सांसदों की अपील: उन्होंने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर या पत्र लिखकर अनशन खत्म करने का अनुरोध किया था।

अस्पताल में भावुक पल

मेदांता अस्पताल में अनशन तुड़वाने के दौरान सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो और 'लेह एपेक्स बॉडी' के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने वांगचुक को पेय पदार्थ की पहली घूंट पिलाई। अनशन खत्म करने के बाद वांगचुक ने कहा, "मैं अपना अनशन समाप्त करके आभारी और खुश हूं। मेरी पत्नी गीतांजलि हमेशा मेरे साथ खड़ी रही हैं।"
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सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार जल्द वजन हासिल करने का आग्रह किया। वांगचुक की सेहत से जुड़ी पिछली जानकारी के अनुसार, 26 दिन की भूख हड़ताल के दौरान उनका वज़न कम से कम 11 किलोग्राम घट गया था।
वांगचुक ने NEET-UG 2026 पेपर लीक के विरोध में और परीक्षा प्रणाली में ज़्यादा जवाबदेही की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन ने पूरे देश का ध्यान खींचा; हज़ारों लोग प्रदर्शनों और 20 जुलाई को नई दिल्ली में हुए 'चलो संसद' मार्च में शामिल हुए।
पिछले शनिवार, दिल्ली पुलिस ने वांगचुक को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शन वाली जगह से हटाकर सफदरजंग अस्पताल पहुँचाया। हालाँकि, उन्होंने अपना अनशन खत्म करने से इनकार कर दिया और उनकी पत्नी ने सरकारी अस्पताल में इलाज की अपर्याप्त सुविधाओं का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने की इजाज़त दे दी।
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने देर रात संदेश जारी कर घोषणा की कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ एक अत्यंत सख्त विधेयक लाने जा रही है। इसमें फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन और दोषियों के लिए कठोर सजा के कड़े प्रावधान होंगे।

सीजेपी (CJP) का रुख: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन

वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने राहत और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक के त्याग ने पूरे देश की चेतना को जगाया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक जंतर-मंतर पर उनका शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

इस मुद्दे पर होने वाले आम सवाल, स्टूडेंट्स पढ़ें इसको

  • सोनम वांगचुक ने अनशन क्यों शुरू किया था?

जवाब: सोनम वांगचुक ने NEET-UG 2026 पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों की मांगों के समर्थन में 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी।

  • सोनम वांगचुक ने अपना अनशन कब और कहाँ तोड़ा?

जवाब: उन्होंने 24 जुलाई 2026 को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्रियों जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में 26वें दिन अपना अनशन तोड़ा।

  • क्या जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन समाप्त हो गया है?

जवाब: नहीं, सीजेपी (Cockroach Janta Party) ने घोषणा की है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर उनका शांतिपूर्ण प्रदर्शन जंतर-मंतर पर जारी रहेगा।