क्लाइमेट एक्टिविस्ट और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक का दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा आमरण अनशन 17 जुलाई 2026 को 20वें दिन में प्रवेश कर गया है। डॉक्टर उनकी सेहत पर चिन्ता जता रहे हैं। नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं। कांग्रेस प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को जंतर मंतर पर जाकर वांगचुक से मुलाकात की और उनसे अनशन तोड़ने का आग्रह किया। इस बीच बॉलीवुड एक्टर आमिर खान पहली बार बोले हैं और आमिर ने भी अनशन तोड़ने की अपील की है। जंतर मंतर पर भीड़ बढ़ रही है।

वांगचुक के शरीर पर बुरा असर पड़ सकता हैः डॉक्टर

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य बेहद गंभीर चरण में पहुंच चुका है और लंबे समय तक उपवास के कारण उनके अंगों (organs) पर बुरा असर पड़ सकता है। डॉ. सतीश लांबा द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, भूख हड़ताल शुरू करने के बाद से वांगचुक का वजन 9 किलोग्राम से अधिक घट चुका है और अब उनका वजन केवल 56.9 किलोग्राम बचा है। डॉक्टरों के मुताबिक, शरीर में ग्लूकोज खत्म होने के बाद फैट और फिर मांसपेशियां (muscles) गलने लगती हैं। वांगचुक का कीटोन लेवल (ketone level) 3-प्लस तक पहुंच गया था, जो हाइड्रेशन के बाद 2-प्लस हुआ है। उनका यूरिक एसिड भी काफी बढ़ा हुआ है, जो यह दर्शाता है कि शरीर अब ऊर्जा के लिए मांसपेशियों को खत्म कर रहा है।

'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भावुक अपील करते हुए बताया कि वांगचुक इतने कमजोर हो चुके हैं कि उनकी हड्डियां दिखने लगी हैं और वे शौचालय जाते समय दो बार गिरने से बाल-बाल बचे।

पवन खेड़ा ने अनशन तोड़ने की अपील की

जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक से मिलने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, "जैसा कि आप लोगों ने कल (गुरुवार) देखा, हमारी पार्टी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने भी 'X' पर पोस्ट किया था। हम सभी सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंतित हैं और सत्ता में बैठी सरकार बहुत असंवेदनशील है, जो लोकतांत्रिक विरोध की भाषा नहीं समझती। ऐसी सरकार के सामने विरोध का तरीका भी बदलते रहना चाहिए। हमें उनकी और उनके साथ बैठे छात्रों की सेहत की चिंता है। अपनी जान जोखिम में डालकर आप इस सरकार से कुछ भी हासिल नहीं कर पाएंगे।"
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'3 इडियट्स' सोनम वांगचुक पर आधारित नहीं: आमिर खान

बॉलीवुड स्टार आमिर खान ने कहा कि फिल्म "3 इडियट्स" में उनका किरदार सोनम वांगचुक पर आधारित नहीं था, इसे एक "गलतफहमी" बताया और एक्टिविस्ट की भूख हड़ताल पर चिंता जताई। खान लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में एक सवाल-जवाब सेशन में शामिल हुए, जहां एक रिपोर्टर ने उनसे वांगचुक के विरोध प्रदर्शन के बारे में पूछा। इसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। "3 इडियट्स" का निर्देशन राजकुमार हिरानी ने किया था और यह 2009 में रिलीज़ हुई थी। इसमें एक्टर ने फुंसुक वांगडू (रैंचो) का किरदार निभाया था।
आमिर खान ने कहा कि फिल्म बनाते समय न तो उन्हें और न ही फिल्म के लेखकों को वांगचुक के बारे में पता था। उन्होंने कहा, "नहीं, असल में यह सच नहीं है। यह एक गलतफहमी है। जब हम '3 इडियट्स' फिल्म बना रहे थे, तब मुझे मिस्टर सोनम के बारे में पता नहीं था... मैं आपको बताना चाहता हूं कि न तो राजू और न ही अभिजात (फिल्म के लेखक) और न ही मुझे इसके बारे में पता था। हम मिस्टर सोनम के बारे में नहीं जानते थे। हालांकि, मिस्टर सोनम जो कर रहे हैं, वह बहुत अच्छा काम है। उनकी और उनके काम की इज्ज़त करने के लिए यह ज़रूरी नहीं है कि वे '3 इडियट्स' के किरदार पर आधारित हों।" आमिर ने वांगचुक से अनशन तोड़ने की अपील भी की।

...मैं भूत बनकर वापस आऊंगाः वांगचुक

सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर जहां चिंताएं बढ़ रही हैं, लेकिन जंतर-मंतर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए सोनम वांगचुक ने मज़बूत इरादे और मज़ाकिया अंदाज़ दिखाए। उन्होंने 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में शामिल होने का संकल्प लिया। वांगचुक ने कहा, "मैं 20 जुलाई तक किसी भी तरह ज़िंदा रहूंगा ताकि आप सभी के साथ संसद तक मार्च कर सकूं। और अगर 20 जुलाई को हमारा मार्च सफल नहीं हुआ, तो मैं भूत बनकर वापस आऊंगा!" उनकी इस बात पर भीड़ ने तालियां बजाईं। NEET विवाद को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे इस एक्टिविस्ट की सेहत के बारे में डॉक्टरों की चेतावनी के बावजूद वे उत्साहित दिखे। उन्होंने समर्थकों से यह कहते हुए अपनी बात खत्म की: "आइए, संसद तक मार्च करें!"

आमिर की पूर्व पत्नी किरण राव ने वांगचुक का समर्थन किया

फिल्ममेकर और एक्टर आमिर खान की पूर्व पत्नी किरण राव ने सोनम वांगचुक की चल रही भूख हड़ताल के बीच उन्हें अपना समर्थन दिया है। इंस्टाग्राम पर "मैं सोनम का समर्थन करती हूं" मैसेज के साथ एक पोस्ट शेयर करते हुए, राव ने कहा कि वह वांगचुक, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और आंदोलन में शामिल अन्य लोगों के साथ एकजुटता से खड़ी हैं। उन्होंने लिखा, "मैं सोनम वांगचुक, अभिजीत दिपके, CJP और देश के उन सभी नागरिकों - युवा और बुजुर्ग - के साथ एकजुटता से खड़ी हूं जो हमारे छात्रों के अधिकारों के लिए विरोध कर रहे हैं। सोनम जी, नेहा, मनीष, अमीन और अन्य सभी लोगों को मेरा सलाम, जो न्याय सुनिश्चित करने के लिए भूख हड़ताल कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "यह देखना बहुत दुखद है कि 19 दिनों के बाद भी इस भूख हड़ताल पर पूरी तरह से चुप्पी साधी गई है। सत्ता में बैठे लोगों को लोगों की बात सुनने के लिए क्या करना होगा?... यह चौंकाने वाला और अमानवीय है।" राव ने आगे कहा, "मैं सरकार से अपील करती हूं कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करे, छात्रों के दर्द को समझे और इस गतिरोध को खत्म करे। हम लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार है।"

सिविल सोसाइटी के 1800 लोगों की अपील

शिक्षाविदों, कलाकारों और कार्यकर्ताओं समेत सिविल सोसाइटी के 1,800 से ज़्यादा लोगों ने सोनम वांगचुक से अपील की है कि वे अपनी सेहत को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दें। एक पत्र में, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, अरुंधति रॉय, निवेदिता मेनन, ज्यां द्रेज़, ललिता रामदास और कविता श्रीवास्तव जैसी जानी-मानी हस्तियों ने वांगचुक से आग्रह किया कि वे अपना अनशन खत्म कर दें और दूसरे तरीकों से आंदोलन जारी रखें।