नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षाओं में हो रही धांधली के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बड़ा ऐलान किया है। CJP ने सोनम वांगचुक और देश के छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए कल यानी 16 जुलाई को जंतर-मंतर पर एक दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल (1-day mass hunger strike) करने की घोषणा की है। हालांकि सोशल मीडिया पर बने जन दबाव के बाद सीजेपी ने यह घोषणा की। लोग सवाल कर रहे थे कि आखिर सीजेपी के नेता/कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ एकजुटता दिखाते हुए भूख हड़ताल पर क्यों नहीं बैठ रहे हैं।

सीजेपी ने क्या ऐलान किया

CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए लोगों से अपील करते हुए लिखा: "कल, 16 जुलाई को, सोनम वांगचुक और इस देश के छात्रों के समर्थन में हमारे साथ 1 दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल में शामिल हों।" सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने एक्स पर अपने प्रोफाइल की डीपी भी बदल ली है। नई डीपी में सोनम वांगचुक की फोटो के साथ लिखा है- आई सपोर्ट सोनम वांगचुक यानी मैं सोनम वांगचुक का समर्थन करता हूं।

सोनम वांगचुक की बिगड़ती हालत

सोनम वांगचुक का आमरण अनशन 18वें दिन में प्रवेश कर चुका है और उनकी सेहत लगातार गिरती जा रही है। अभिजीत दिपके का कहना है कि अनशन की शुरुआत से लेकर अब तक वांगचुक का वजन 8.5 किलोग्राम घट चुका है। दिपके ने बताया कि वांगचुक की मांसपेशियां तेजी से कमजोर हो रही हैं (loss of muscle mass) और उन्हें काफी दर्द हो रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पिछले 25 दिनों से नीट (NEET) मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है। पार्टी ने हाल ही में परीक्षा सुधारों को लेकर एक पांच सूत्रीय चार्टर (five-point exam reform charter) भी पेश किया है और दावा किया है कि उनके इस आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन मिल रहा है। इसकी मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग है।
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अभिजीत दिपके का सरकार पर हमला

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार की चुप्पी पर कड़ा रोष व्यक्त किया। उन्होंने लिखा: "सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज 18वां दिन है। वह व्यक्ति जिसने उन छात्रों के लिए न्याय की मांग करते हुए अपनी जान दांव पर लगा दी, जिन्होंने आत्महत्या कर ली थी, उसे सरकार से केवल चुप्पी मिली है। यह सरकार न केवल अनुत्तरदायी है, बल्कि क्रूर भी है।" 
दिपके ने आगे कहा कि असली सवाल यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने से क्यों कतरा रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अब तक जिम्मेदार क्यों नहीं ठहराया गया है। उन्होंने समर्थकों से ध्यान न भटकाने और सीधे सरकार से जवाब मांगने की अपील की।

मशहूर हस्तियों का समर्थन; 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च

तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव, शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।

दिग्गज हस्तियों का साथ: मशहूर अभिनेत्री जीनत अमान ने सरकार से तुरंत प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू करने की अपील की है, जबकि अभिनेत्री स्वरा भास्कर और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला खुद जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मिले।

अन्य छात्रों का भी अनशन: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की नेता नेहा, मनीष और आमीन भी खराब स्वास्थ्य के बावजूद जंतर-मंतर पर अपना अनशन जारी रखे हुए हैं।

'चलो संसद' मार्च: CJP ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च का आह्वान किया है। संगठन का दावा है कि इस मार्च के लिए मिस-कॉल अभियान के जरिए अब तक 1.3 लाख से अधिक लोग अपना समर्थन दर्ज करा चुके हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट में 16 जुलाई को मामले की सुनवाई

सोनम वांगचुक की लगातार नाजुक होती हालत को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। इस याचिका में मांग की गई है कि: सरकारी अस्पताल में शिफ्ट किया जाए: वांगचुक को तुरंत किसी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाए। जबरन भोजन (Force-Feeding) दिया जाए। याचिका में कहा गया है कि यदि आवश्यक हो, तो डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें जबरन लिक्विड डाइट (तरल आहार) दिया जाए। याचिकाकर्ता का तर्क है कि वांगचुक की स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है और यदि अनशन इसी तरह जारी रहा, तो अगले दो दिनों के भीतर उनके प्राणों को गंभीर संकट हो सकता है। इस याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने फौरन सुनवाई के लिए स्वीकार किया। केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को नोटिस भेजा गया है। इस मामले की सुनवाई कल गुरुवार 16 जुलाई को होगी।