सीजेपी और वांगचुक पर ताजा घटनाक्रम

  • सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके ने जंतर मंतर पर भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
  • जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी लौटे, अभिजीत दिपके ने कहा आरएसएस के गुंडे अनशन स्थल पर आए थे
  • दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल में भर्ती कराया
  • 20 जुलाई को सीजेपी ने संसद मार्च का आह्वान किया था। 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है
  • शुक्रवार को दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को बदल दिया था, उसके बाद स्थिति बदल गई
  • दिल्ली पुलिस वाले शनिवार को मेडिकलकर्मी बनकर धरनास्थल पर पहुंचे थे
  • वांगचुक को ले जाए जाने के दौरान जब छात्रों ने विरोध किया तो वहां लाठीचार्ज किया
  • पुलिस ने सोनम वांगचुक के उस मंच को खाली करा लिया, जहां अनशन चल रहा था
  • अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया गया
  • दिपके ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर देशभर में प्रदर्शन की अपील की है
  • सीजेपी ने आरोप लगाया है कि भगवा पगड़ी पहने असामाजिक तत्वों ने शुक्रवार देर रात प्रदर्शनस्थल पर वांगचुक पर हमले की कोशिश की थी
नीट (NEET) पेपर लीक मामले और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन शनिवार तड़के एक बड़े ड्रामे और हंगामे में बदल गया। पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार (18 जुलाई, 2026) तड़के दिल्ली पुलिस जबरन मंच से उठाकर अस्पताल ले गई। आंदोलन के 21वें दिन पुलिस की इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल पर भारी अराजकता फैल गई। सीजेपी ने छात्रों पर लाठीचार्ज और अभिजीत दिपके को हिरासत में लेने का आरोप लगाया है। बाद में दिपके को छोड़ दिया गया। प्रदर्शनकारी फिर से जंतर मंतर पर लौट आए हैं।
इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस शनिवार को जबरन अस्पताल ले गई

मुख्य घटनाक्रम और CJP के गंभीर आरोप

  • सोनम वांगचुक को जबरन ले जाने का आरोप: समाचार एजेंसी एएनआई और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस के जवान जंतर-मंतर पहुंचे और वांगचुक को मंच से उतारकर सीधे अस्पताल ले गए। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास का आरोप है कि पुलिस ने मंच को पूरी तरह से घेर लिया था ताकि कोई कुछ देख न सके। एक सफेद चादर के जरिए घटना को छिपाने की कोशिश की गई। लेकिन वीडियो से घटना सामने आ गई। इससे पहले पुलिस ने घटनास्थल पर लाठीचार्ज कर दिया। धरना स्थल को पूरी तरह खाली करा लिया गया। हालांकि दो घंटे बाद प्रदर्शनकारी फिर से जंतर मंतर पहुंच गए।

  • अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने का दावा: CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें झंडेवालान में ही रोक दिया और प्रदर्शन स्थल पर लौटने नहीं दिया। दीपके ने आरोप लगाया, "दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर पर क्रैकडाउन कर रही है। लोगों को पीटा जा रहा है और सोनम सर को जबरन ले जाया गया है। मेरे साथ भी मारपीट की गई और मुझे हिरासत में ले लिया गया है।"

  • छात्रों पर लाठीचार्ज: संगठन का दावा है कि पुलिसिया कार्रवाई का विरोध कर रहे छात्रों और युवाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है।

अभिजीत दिपके ने शुरू की भूख हड़ताल

सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में ले जाए जाने के बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने उनके समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (Indefinite Hunger Strike) पर बैठने का ऐलान कर दिया है। CJP ने बताया, "अभिजीत दिपके अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। 20 जुलाई को होने वाला ‘चलो संसद’ मार्च तय योजना के अनुसार ही होगा।" इससे पहले शनिवार सुबह दिपके ने यह भी दावा किया कि उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें हिरासत में लिया गया, हालांकि दिल्ली पुलिस ने इस दावे को खारिज कर दिया। 

शुक्रवार देर रात से धरनास्थल पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा

अभिजीत दीपके ने यह भी खुलासा किया कि शुक्रवार देर रात को प्रदर्शन स्थल पर कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने अशांति फैलाने की कोशिश की गई थी। इन लोगों ने सिरों पर भगवा रंग की पगड़ी बांधी हुई थी। उन्होंने दावा किया कि कुछ 'गुंडों' ने जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक पर कोई वस्तु फेंककर हमला करने की कोशिश की, हालांकि सौभाग्य से वे बाल-बाल बच गए। दीपके के अनुसार, उन्हें पुलिस के ही एक अंदरूनी सूत्र (इंसाइडर) ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इस शांतिपूर्ण आंदोलन को बाधित करने और समाप्त करने के लिए सरकार या बाहरी तत्वों द्वारा साजिश रची जा रही है।
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जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे सीजेपी कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि शनिवार सुबह-सुबह पुलिसकर्मी मेडिकल टीम बनकर वहां पहुंचे और क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को अपने साथ ले गए। प्रदर्शनकारी ने बताया, "सुबह-सुबह, उन्होंने लगभग दस पुलिस अधिकारियों को भेजा और दावा किया कि वे मेडिकल टीम हैं। हमें पता चल गया कि वे पुलिस वाले हैं क्योंकि वे डॉक्टर जैसे नहीं लग रहे थे और उन्होंने सभी वॉलंटियर्स को एक तरफ हटने का आदेश दिया।" प्रदर्शनकारी के अनुसार, वॉलंटियर्स ने अधिकारियों से बार-बार इंतज़ार करने को कहा, लेकिन बाद में उन्होंने वहां मौजूद लोगों को बताया कि हाई कोर्ट के आदेश के तहत वांगचुक को दूसरी जगह ले जाना ज़रूरी है। प्रदर्शनकारी ने दावा किया, "हम उनसे इंतज़ार करने का अनुरोध करते रहे, लेकिन अचानक उन्होंने घोषणा की कि हाई कोर्ट का आदेश है जिसके तहत उन्हें सोनम सर को ले जाना है।" प्रदर्शनकारी ने यह भी आरोप लगाया कि उसी समय CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को भी हिरासत में ले लिया गया।

जंतर मंतर से धरना स्थल की ताजा तस्वीर, अब वहां कोई नहीं है

दिपके और दिल्ली पुलिस का बयान

पुलिस की हिरासत से रिहा होने के बाद CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने एक वीडियो मैसेज शेयर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन स्थल से ज़बरदस्ती हटाया गया और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने कार्रवाई की। वीडियो में दिपके ने दावा किया कि पुलिस ने उनकी पिटाई की और आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई के दौरान CJP के प्रदर्शनकारियों पर "बुरी तरह लाठीचार्ज" किया गया। पूरे देश में प्रदर्शन करने का आह्वान करते हुए दिपके ने समर्थकों से आंदोलन को और तेज़ करने की अपील की। ​​वीडियो मैसेज में उन्होंने कहा, "हम इस तानाशाही को बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
  • वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए, मेडिकल सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के पालन में उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था।

दिपके ने बताया पूरा घटनाक्रम, कहा- पुलिस अधिकारी नहीं, आरएसए के गुंडे थे

दिपके ने दावा किया, "सुबह 7 बजे, जब मैं फ्रेश होने के लिए बाहर निकला, तो पुलिस के गुंडे वहाँ आ गए। उन्होंने सोनम सर को गालियाँ देते हुए ज़बरदस्ती खींचकर वहाँ से हटा दिया। दिल्ली पुलिस ने एक 60 साल के व्यक्ति को, जो 20 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और जिन्होंने कुछ भी नहीं खाया था, ज़बरदस्ती खींचकर हटा दिया। हमें नहीं पता कि वे उन्हें कहाँ ले गए हैं।" उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इस घटना के बारे में पता चलने के बाद जब वह विरोध स्थल पर पहुँचने की कोशिश कर रहे थे, तो उनके साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने कहा, "जब मुझे यह खबर मिली और मैं अपने दोस्त के घर से जंतर-मंतर जा रहा था, तो पुलिस ने मेरे साथ भी मारपीट की।" अपनी आलोचना को और तेज़ करते हुए दिपके ने कहा, "ये पुलिस अधिकारी नहीं हैं; ये RSS के गुंडे हैं। मैं विदेश से अपने देश लौटा था; क्या मैं कोई अपराधी हूँ? वे गुंडे हैं—पुलिस नहीं, बल्कि RSS के गुंडे हैं।"

वांगचुक होश में, मेडिकल निगरानी में हैं

वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वांगचुक होश में हैं और उनके ज़रूरी हेल्थ पैरामीटर्स (जैसे ब्लड प्रेशर, पल्स आदि) स्थिर हैं। उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का आज 21वां दिन है। उनकी सेहत को लेकर चिंता के बीच उन्हें अस्पताल ले जाया गया और अभी वे मेडिकल निगरानी में हैं।

परिवार से पूछ कर ही इलाज किया जाएः गीतांजलि वांगचुक

क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने बताया कि वह सफदरजंग अस्पताल पहुँच गई हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपील की है कि उनके परिवार और डॉक्टरों की मंज़ूरी के बिना उन्हें कोई दवा या इलाज न दिया जाए। X पर जानकारी देते हुए आंग्मो ने कहा, "मैं दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हूँ, जहाँ @Wangchuk66 को भर्ती कराया गया है। उन्हें मुँह के ज़रिए या नस के ज़रिए (intravenous) कुछ भी देने से पहले मुझसे, उनके परिवार और उन डॉक्टरों से मंज़ूरी लेनी चाहिए जो पिछले 20 दिनों से उनकी सेहत पर नज़र रखे हुए हैं।" उनका यह बयान वांगचुक को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन वाली जगह से सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने के कुछ घंटों बाद आया है।

20 दिनों में 20% वजन घटा, स्वास्थ्य बेहद नाजुक

डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि लगातार उपवास के कारण सोनम वांगचुक की सेहत बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच चुकी है और उनके अंगों पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। शुक्रवार रात को जारी एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने खुद कहा था कि उन्होंने अपने शरीर का लगभग 20% वजन खो दिया है। सोनम वांगचुक का आखिरी संदेश: "हाँ, मैं अभी भी जीवित हूँ। मेरे शरीर का 20% हिस्सा चला गया है। फैट और मांसपेशियां खत्म हो चुकी हैं, अब अंगों की बारी है। लेकिन मैं 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च तक किसी भी कीमत पर जीवित रहने का प्रयास करूँगा।"

दिल्ली पुलिस के डीसीपी का बयान

दिल्ली पुलिस के डीसीपी (नई दिल्ली जिला पुलिस) ने अपने बयान में कहा है कि हाई कोर्ट के आदेशों और मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें ज़रूरी मेडिकल देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हाई कोर्ट के आदेशों का पालन करते समय प्रदर्शनकारियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे थोड़ी अफ़रा-तफ़री मची; हालाँकि, पुलिस ने संयम बरता और पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित रूप से पूरा किया। हम जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांतिपूर्ण ढंग से उस जगह को खाली कर दें।