‘Belonging’ को सोनिया गांधी के जीवन का एक बेहद निजी और महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है। इस किताब को पहले पेंगुइन इंडिया बदलाव के साथ छापना चाहता था। सोनिया गांधी ने बदलाव से मना कर दिया। विपक्ष का आरोप है कि किताब में बदलाव मोदी सरकार कराना चाहती थी।
सोनिया गांधी की किताब अब भारत में हॉर्परकॉलिन्स इंडिया प्रकाशित करेगा
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित संस्मरण पुस्तक ‘Belonging: A Journey of Love’ अब भारत में HarperCollins प्रकाशित करेगा। किताब 10 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली है। इससे पहले भारत में इस किताब को प्रकाशित करने की जिम्मेदारी Penguin Random House India (PRHI) के पास थी, लेकिन प्रकाशन को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद सामने आने के बाद Penguin इस परियोजना से पीछे हट गया।
सोनिया गांधी की यह किताब उनके निजी जीवन के साथ-साथ भारतीय राजनीति के कई महत्वपूर्ण दौर को भी सामने रखने वाली है। इसमें उनके युद्धोत्तर इटली में बचपन, भारत आगमन, राजीव गांधी से विवाह, नेहरू-गांधी परिवार में प्रवेश, राजीव गांधी की हत्या के बाद का जीवन और राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका का उल्लेख होने की उम्मीद है। किताब में कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनके लंबे कार्यकाल और 2004 में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूपीए की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री पद स्वीकार न करने के उनके फैसले पर भी चर्चा होने की संभावना है।
Penguin से क्यों टूटा समझौता?
सोनिया गांधी की संस्मरण पुस्तक को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब अगस्त में खबर सामने आई कि Penguin Random House India भारत में इस किताब को प्रकाशित नहीं करेगा। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रकाशक और लेखक के बीच पांडुलिपि के एक हिस्से में कुछ ‘editorial changes and deletions’ यानी संपादकीय बदलाव और अंश हटाने को लेकर मतभेद पैदा हुए थे।रिपोर्टों में कहा गया कि प्रकाशक की ओर से कुछ बदलाव सुझाए गए थे, लेकिन सोनिया गांधी की टीम उन पर सहमत नहीं हुई। इसके बाद भारत में Penguin के जरिए किताब प्रकाशित करने की योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
हालांकि Penguin Random House India ने इस घटनाक्रम की अलग व्याख्या दी। कंपनी ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि उसने केवल इसलिए किताब प्रकाशित करने से इनकार किया क्योंकि लेखक ने संपादकीय बदलावों को स्वीकार नहीं किया था। प्रकाशक के मुताबिक, पांडुलिपि सामान्य संपादकीय प्रक्रिया से गुजरी और इस दौरान कई मुद्दों पर लेखक के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा हुई।
Penguin ने कहा कि कुछ मामलों में बदलाव स्वीकार किए गए, जबकि कुछ मामलों में लेखक का पक्ष माना गया। लेकिन अंततः एक विशेष मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। प्रकाशक के अनुसार, बाद में सोनिया गांधी की टीम ने बताया कि वे प्रकाशन के साथ आगे नहीं बढ़ना चाहतीं। कंपनी ने गोपनीय बातचीत का हवाला देते हुए इसके आगे विवरण देने से इनकार किया।
किताब में मोदी, RSS और चीन से जुड़े अंश को लेकर विवादः Penguin से विवाद के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया। कांग्रेस के नेताओं की ओर से आरोप लगाए गए कि किताब के कुछ हिस्सों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारत-चीन संबंधों से जुड़े विषय थे और इन्हें हटाने का दबाव था।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि Penguin पर मोदी, RSS और मोदी सरकार के दौरान चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र पर कथित कब्जे से जुड़े हिस्सों को हटाने के लिए दबाव बनाया गया था। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर मामला बताया। हालांकि इन आरोपों को Penguin Random House India ने खारिज किया और कहा कि संपादकीय प्रक्रिया प्रकाशन का सामान्य हिस्सा है। लेकिन प्रकाशक ने यह भी कहा कि वह लेखक के साथ हुई गोपनीय बातचीत का विवरण सार्वजनिक नहीं करेगा।
बीजेपी ने भी उठाए सवाल
इस विवाद पर बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया आई। बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी सहित कई ने किताब की सामग्री पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह तय करना लेखक और प्रकाशक का विषय है कि किताब संस्मरण है या कुछ और। उन्होंने यह भी कहा कि यदि संस्मरण के नाम पर ऐसी सामग्री सामने आती है जिसे प्रकाशक तथ्यात्मक रूप से सही नहीं मानता, तो प्रकाशक उसका आकलन करेगा। इस तरह किताब के प्रकाशन से पहले ही इसका विवाद राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।HarperCollins के लिए बड़ी राजनीतिक पुस्तक
अब HarperCollins India ने इस किताब को प्रकाशित करने का फैसला किया है। प्रकाशक ने इसे अपने समय की सबसे बहुप्रतीक्षित राजनीतिक संस्मरण पुस्तकों में से एक बताया है। HarperCollins के मुताबिक, किताब सोनिया गांधी के जीवन और भारत की राजनीतिक यात्रा को एक अंदरूनी नजरिए से देखने का अवसर देगी। किताब का अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन भी 10 नवंबर 2026 को निर्धारित है। ब्रिटेन में इसे HarperCollins के William Collins imprint के जरिए प्रकाशित किया जाएगा, जबकि अमेरिका में इसका प्रकाशन Alfred A. Knopf करेगा, जो Penguin Random House का imprint है। यानी भारत में Penguin Random House India के पीछे हटने के बावजूद अमेरिकी संस्करण Penguin समूह से ही जुड़ा रहेगा।सोनिया गांधी की सबसे निजी राजनीतिक कहानी?
‘Belonging’ को सोनिया गांधी के जीवन का एक बेहद निजी और महत्वपूर्ण विवरण माना जा रहा है। किताब में उनके परिवार से जुड़े कई बड़े राजनीतिक और व्यक्तिगत घटनाक्रमों के साथ-साथ संजय गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की मौतों, राजनीति में उनके प्रवेश और कांग्रेस के नेतृत्व में उनके वर्षों का जिक्र होने की उम्मीद है। किताब की घोषणा के समय सोनिया गांधी ने कहा था कि उनके परिवार के बारे में बहुत कुछ लिखा गया है, लेकिन उनके मुताबिक बहुत कम विवरण ऐसे हैं जो परिवार के सदस्यों की प्रेरणाओं, फैसलों और मानवीय कमजोरियों की वास्तविक तस्वीर तक पहुंचते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कहानी पिछले छह दशकों में भारत में हुए सामाजिक और राजनीतिक बदलावों को देखने का एक अलग नजरिया देती है।10 नवंबर का इंतजार
अब HarperCollins द्वारा भारतीय संस्करण की जिम्मेदारी संभालने के बाद किताब के प्रकाशन को लेकर बना असमंजस खत्म हो गया है। 10 नवंबर 2026 को ‘Belonging: A Journey of Love’ के सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद के केंद्र में रहे राजनीतिक और ऐतिहासिक विषयों पर सोनिया गांधी ने वास्तव में क्या लिखा है। इस लिहाज से यह सिर्फ एक पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष की आत्मकथा नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति के पिछले कई दशकों को एक प्रमुख राजनीतिक परिवार की सदस्य और लंबे समय तक कांग्रेस की केंद्रीय नेता रही सोनिया गांधी की नजर से देखने वाली किताब के रूप में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।