जामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों पर पुलिस के लाठीचार्ज करने और जामिया के कैंपस में घुसने पर देश भर के छात्रों ने तीख़ी प्रतिक्रिया दी है।
जामिया के छात्रों के समर्थन में जब जेएनयू के छात्र भी उतरे और रविवार रात को दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन हुआ तो पुलिस को पीछे हटना पड़ा और हिरासत में लिये गये छात्रों को छोड़ना पड़ा। लेकिन सोमवार को छात्रों ने देश भर में जामिया के छात्रों के समर्थन में आवाज़ बुलंद की और पूरी ताक़त के साथ प्रदर्शन किया।
छात्र आंदोलनों में यह नारा जोरदार ढंग से लगाया जाता है कि हर जोर-जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है।
देश के इतिहास में आज़ादी से पहले और बाद भी कई ऐसे आंदोलन हैं, जिसमें युवा शक्ति ने दिखाया है कि वे जुल्म और जोर-जबरदस्ती के आगे झुकने के लिए तैयार नहीं हैं। इन प्रदर्शनों में होने वाली हिंसा की निंदा सभी ने की है लेकिन छात्रों का संदेश साफ़ है कि संवैधानिक ढंग से विरोध प्रदर्शन का अधिकार उनसे कोई नहीं छीन सकता।