सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और कथित बर्बरता के खिलाफ दायर याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष जब इस याचिका को जल्द सूचीबद्ध (urgent listing) करने का उल्लेख किया गया, तो अदालत ने इसे खारिज करते हुए सख्त टिप्पणी की। 

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की टिप्पणियां पढ़िए

मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत ने याचिका पेश करने पर याचिकाकर्ता के वकील से कहा- "ना अपना समय बर्बाद करें, ना हमारा समय बर्बाद करें।" जब याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उनके पास पुलिस की कथित बर्बरता और धक्का-मुक्की को दर्शाने वाले वीडियो मौजूद हैं, तो CJI ने स्पष्ट लहजे में कहा, "हमें वीडियो देखने में कोई दिलचस्पी नहीं है; हमारे पास वीडियो देखने का समय नहीं है।" याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने तर्क दिया था कि छात्र नीट (NEET) परीक्षा के पारदर्शी और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में सुधार किए जाने जैसे कदमों की गंभीर मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। वकील के तर्कों को बीच में ही रोकते हुए CJI सूर्यकांत ने सिर्फ इतना कहा, "थैंक यू वेरी मच (आपका बहुत-बहुत धन्यवाद)" और याचिका की अर्जेंट लिस्टिंग से मना कर दिया।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों ने नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले की जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद मार्च और जंतर-मंतर के पास विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था। लेकिन 20 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने इस पर बर्बर लाठीचार्ज किया। बड़े पैमाने पर छात्र गिरफ्तार हुए। 100 से ज्यादा युवकों गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उल्टा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ही पांच एफआईआर दर्ज की।

लोग जाएं तो जाएं कहां, हाईकोर्ट भी इसी तरह की टिप्पणी कर चुका है

सुप्रीम कोर्ट से ठीक एक दिन पहले, दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इसी तरह के मामले की तत्काल सुनवाई से यह कहते हुए मना कर दिया था कि "अदालत को इसमें मत घसीटिए।" वो मामला सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती कराने का था। सोनम ने कहा था कि वो ठीक हैं और जंतर मंतर से भूख हड़ताल जारी रखना चाहता हैं। लेकिन सरकार ने सीजेपी और छात्रों का संसद मार्च रोकने के लिए सोनम वांगचुक को वहां से हटा दिया था।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की पैदाइश 15 मई को सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के दौरान एक टिप्पणी से हुई थी, जिसमें CJI सूर्य कांत ने इस बात पर चिंता जताई थी कि बेरोजगार युवा सोशल मीडिया और RTI एक्टिविज़्म की ओर भटक रहे हैं। CJI सूर्यकांत ने अपनी मौखिक टिप्पणी में कहा कि ऐसे युवा समाज में "कॉकरोच" की तरह परजीवी बन रहे हैं। बाद में CJI कांत ने स्पष्ट किया कि उनका इशारा उन लोगों की ओर था जिनके पास फ़र्ज़ी डिग्रियां हैं और जो ऐसी गतिविधियों में शामिल रहते हैं।
सीजेआई सूर्यकांत की इस टिप्पणी की देशभर में निन्दा हुई। तमाम जनसंगठनों, राजनीतिक दलों, छात्र समूहों ने डटकर सीजेआई की टिप्पणी का विरोध किया था। आज भी सीजेपी की पैदाइश को लेकर जोक में सीजेआई सूर्यकांत की टिप्पणियों का उल्लेख सोशल मीडिया पर लोग करते हैं।