अमेरिका में 28 साल के युवक अंशुल कुंचा की हत्या में अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। हालांकि इसे हेट क्राइम के पहलू से देखा जा रहा है। परिवार ने साजिश का आरोप लगाया। Telangana Youth Anshul Kuncha Shot Dead in Philadelphia Over Fake Pizza Delivery Order.
अंशुल कुंचा क्या अमेरिका में हेट क्राइम के शिकार हुए
अमेरिका के फिलाडेल्फिया में तेलंगाना के 28 वर्षीय युवक अंशुल कुंचा की हत्या कर दी गई। ऑनलाइन फर्जी पिज्जा डिलीवरी ऑर्डर दिया गया। जब अंशुल उस ऑर्डर को पहुंचाने के लिए उस पते पर पहुंचे तो उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात की बताई जा रही है। परिवार का आरोप है कि युवक को जानबूझकर जाल में फंसाकर मारा गया।
अंशुल कुंचा मेदचल-मल्काजगिरि जिले के गुंडलापोचंपल्ली (गुंडलकुंतपल्ली) गांव के रहने वाले थे। वे 2023 में अमेरिका गए थे और न्यूयॉर्क/फिलाडेल्फिया क्षेत्र में एमबीए (मास्टर्स इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) पूरा करने के बाद एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी कर रहे थे। अतिरिक्त आय के लिए वे वीकेंड पर पिज्जा डिलीवरी का काम भी करते थे।
परिवार को मिली जानकारी के अनुसार, अंशुल को आधी रात के बाद एक सुनसान इलाके (नॉर्थ फिलाडेल्फिया के रेमंड रोजेन होम्स क्षेत्र) में पिज्जा डिलीवर करने का ऑर्डर मिला, जो कथित तौर पर फर्जी था। जब वे वहां पहुंचे तो दो नकाबपोश हमलावरों ने उन पर अचानक गोलीबारी कर दी। अंशुल को सिर में गोली लगी और वे मौके पर ही मारे गए। घटनास्थल पर तीन खाली कारतूस मिले। पिज्जा अनडिलीवर्ड ही रह गया और कुछ भी चोरी नहीं हुई, जिससे हत्या के मकसद पर सवाल उठ रहे हैं।
अंशुल की बहन तन्वी ने कहा, “उन्हें सुनसान इलाके में डिलीवरी के लिए भेजा गया। वहां कोई नहीं था। यह जानबूझकर की गई साजिश थी। हम नहीं जानते कि उन्हें क्या मिला या उनका मकसद क्या था। उन्होंने मेरे भाई को मार डाला।” परिवार ने पहले भी अंशुल के साथ अमेरिका में लूट की घटना का जिक्र किया है।
परिवार ने कहा- शव भारत लाया जाए
परिवार ने केंद्र और तेलंगाना सरकार से शव को भारत लाने में मदद की अपील की है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक शव सोमवार को सौंपा जा सकता है। परिवार जल्द से जल्द शव भारत लाने की मांग कर रहा है।
न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने मामले पर दुख जताते हुए कहा, “हम अंशुल कुंचा के असामयिक निधन से गहरा दुखी हैं। हम परिवार के संपर्क में हैं और हर संभव मदद कर रहे हैं।” स्थानीय पुलिस जांच कर रही है, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।
इस घटना से तेलंगाना और अमेरिका में तेलुगु समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। अंशुल के परिवार और दोस्त शव के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।