loader

'हिंदू मुसलिम एकता' दिखाने वाले विज्ञापन पर तनिष्क के कर्मचारियों को धमकी

टाटा ग्रुप के ज्वैलरी ब्रांड तनिष्क के नये विज्ञापन 'एकत्वम' का विवाद अब हिंसा की धमकी तक बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर तनिष्क ब्रांड के बहिष्कार से शुरू हुआ मामला अब इसके कर्मचारियों की सुरक्षा के मसले तक पहुँच गया है। ख़ुद तनिष्क ने इस विवाद पर बयान जारी किया है और इसमें उसने अपने कर्मचारियों, सहभागियों और स्टोर स्टाफ़ की सुरक्षा का हवाला दिया है। इस सफ़ाई पर भी सोशल मीडिया यूज़र ने तनिष्क ग्रुप की आलोचना की गई। इधर, गुजरात के कच्छ में एक स्टोर को धमकी मिली। 

सम्बंधित ख़बरें

तनिष्क का यह विवाद उस 45 सेकंड की विज्ञापन फ़िल्म को लेकर है जो दो अलग-अलग धर्मावलंबियों के बीच शादी पर आधारित है। इस विज्ञापन में देखा जा सकता है कि एक मुसलिम परिवार अपनी पुत्रवधू के लिए परंपरागत हिंदू रीति रिवाज वाले कार्यक्रम की तैयारी कर रहा है। विज्ञापन में संदेश दिया गया है- 'एक जो हुए हम, तो क्या ना कर जाएँगे।' यानी इसमें एकता की बात की गई है। लेकिन इसी धार्मिक एकता की बात कुछ लोगों को इतनी बुरी लगी कि इस पर विवाद खड़ा हो गया।

12 अक्टूबर को ट्विटर पर इस विज्ञापन के ख़िलाफ़ BoycottTanishq हैशटैग ट्रेंड किया। कोई इसे लव जिहाद को बढ़ावा देने वाला बता रहा है, तो कोई एंटी- हिंदू। कई लोग तो तनिष्क के गहने नहीं खरीदने की बात करते हुए इस ब्रांड का बहिष्कार करने की माँग उठा रहे हैं। 

विवाद के बाद इस वीडियो विज्ञापन को तनिष्क के आधिकारिक यूट्यूब चैनल, फ़ेसबुक चैनल से हटा लिया गया। इस मामले में तनिष्क की ओर से मंगलवार देर रात को बयान जारी किया गया।

कंपनी ने ट्वीट किया, 'एकत्वम अभियान का मक़सद इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के लोगों, स्थानीय समुदायों और परिवारों को एक साथ आने का और एकता की ख़ूबसूरती का जश्न मनाने का है। इस फ़िल्म ने इसके उद्देश्य के विपरीत गंभीर प्रतिक्रियाओं को उकसाया है। हम अनजाने में भावनाओं को ठेस पहुँचाने से बेहद दुखी हैं और इस फ़िल्म को हमारे कर्मचारियों, सहभागियों और स्टोर कर्मचारियों की भलाई और आहत भावनाओं को ध्यान में रखते हुए हटा रहे हैं।'

हालाँकि कंपनी की इस सफ़ाई के बाद भी लोगों ने हमले जारी रखे। गौरव प्रधान नाम के यूज़र ने लिखा, "तनिष्क ज्वैलरी की माफ़ी को ध्यान से पढ़ें-

जाहिर है 'तनिष्क' एक साधारण माफ़ी के बजाय हिंदुओं पर एक हिंसक समुदाय होने का आरोप लगाता है। BoycottTanishq जारी है।" 

ट्विटर पर एक अन्य यूज़र 'रा बीज़ 2.0' ने लिखा है, 'मैं इसका विज्ञापन देखने के बाद तनिष्क उत्पादों का बहिष्कार करने के लिए आधा आश्वस्त था, लेकिन इस 'सशर्त स्पष्टीकरण’ को पढ़ने के बाद, मैं Boycott_Tanishq अभियान के बारे में पूरी तरह से आश्वस्त हूँ। हालाँकि इससे एक अलग बात है, न तो मैं इसके किसी भी उत्पाद का उपयोग करता हूँ और न ही उनको ख़रीदने की मेरी औकात है।'

ऋषि नाम के एक ट्विटर यूज़र ने लिखा, 'प्रिय हिंदुओं,

आपको घुमा-फिराकर आतंकवादी कहा गया है! अब इस बार मैं BoycottTanishq कहने में गंभीर हूँ।'

गुजरात में स्टोर को धमकी

सोशल मीडिया से अलग तनिष्क के स्टोर में भी धमकी मिलने की ख़बरें हैं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार भीड़ ने गुजरात के कच्छ जिले में एक प्रसिद्ध स्टोर को सोमवार रात निशाना बनाया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'कुछ लोगों ने स्टोर को सूचित किया था कि विज्ञापन अच्छे नहीं हैं और इससे भावनाओं को चोट पहुँची। कुछ धमकी वाले कॉल आए थे। पुलिस नियमित रूप से इलाक़े में गश्त कर रही है।'

वीडियो में देखिए, क्या ट्रोलिंग से डर गई कंपनी?

तनिष्क के गांधीधाम स्टोर के प्रबंधक से कथित तौर पर माफ़ीनामा लिखवाया गया था। प्रबंधक ने नोट में लिखा, 'विज्ञापन शर्मनाक है और हम माफ़ी माँगते हैं।' भीड़ ने इसे स्टोर पर चिपकाया था।

बता दें कि तनिष्क के इस विज्ञापन के ख़िलाफ़ ट्विटर पर ट्रोल अभियान चला रहे हैं। इनमें से अधिकतर वे ट्रोल हैं जो दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़े हैं। सोशल मीडिया पर यह विज्ञापन बहस का मुद्दा बन गया है और लोग इसके बारे में कई तरह की बात कर रहे हैं। विवाद के बाद इस वीडियो विज्ञापन को तनिष्क के आधिकारिक यूट्यूब चैनल, फ़ेसबुक चैनल से हटा लिया गया है। 

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें