loader

श्रद्धांजलि केकेः  संगीत स्टूडियो रसोई जैसा होता है

बॉलीवुड के जाने-माने गायक केके (कृष्ण कुमार कुन्नथ) का मंगलवार देर रात निधन हो गया। उस समय केके कोलकाता के गुरुदास कॉलेज फेस्ट में प्रस्तुति दे रहे थे। 
केके ने कभी कहा था --  ‘अगर आपको खाना बनाने का धर्म पता है तो आप संगीत के सच्चे उपासक हो सकते हैं । जीवन का सबसे सच्चा और निष्कपट काम है खाना बनाना और, दूसरा गाना। मेरे लिए संगीत स्टूडियो एक रसोई है जिसमें मैं सब कुछ स्वादानुसार डालकर एक गीत पकाता हूं। इसी में मुझे सुकून मिलता है।’
ताजा ख़बरें
फ़िल्म ' ओम शांति ओम ' का केके का गाया यह गीत बहुत दिनों तक सुविज्ञ दुबे ' जनेवि ' और मधुलिमा शेखर के मोबाइल का कॉलर ट्यून रहा -
आँखों में तेरीअजब सी अजब सी अदाएं हैंदिल को बनादे जो पतंग साँसेये तेरी वो हवाएं हैं
हिंदी सिनेमा  ‘ हम दिल दे चुके सनम ’ के ‘तड़प तड़प के इस दिल से आह निकलती रही है ' गीत से ही केके तकरीबन पूरी दुनिया में छा गये थे । ' बजरंगी भाईजान ’ का गाना ‘ तू जो मिला ’  और फिल्म ‘ गैंग्स्टर ’ का ‘तू ही मेरी शब है..’ का सूफियाना अंदाज कभी नहीं भूलेगा । बहुत याद आते रहोगे केके । (वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र दुबे की फ़ेसबुक वॉल से)

देश से और खबरें

ऐसा क्या गुनाह किया जो चले गए

सुना था मौत किसी की दोस्त नही होती है वो सबको आनी है पर इतनी जल्दी नही जाना था यार.. तुम्हारे गाने सुनकर तो इश्क करना सीखा था जब अपनी पहली मोहब्बत को खोया था तो तुम्हारा यही गाना रातभर सुनकर रोता रहा था ..सच कह रहा दीवाना जब सुनता था तो लगता था कि अपना दिल निकालकर तुम्हारे गाने पर कुर्बान कर दूं।

तुम मेरे हारे हुए इश्क के रातों के साथी थे ..तुमने मुझे कभी अकेले रोने नही दिया ..तुम्हारे गाने जिस्म से सीधे रूह तक पहुँचते थे ऐसा लगता था कि तुमने मेरे उस दिल को आवाज दे दी है जो इश्क में गूंगा हो गया था ..तुम्हे अभी तो बहुत से दिलो की आवाज बनना था पर यार केके हर आशिक आज यही पूछ रहा होगा किहमने ऐसा क्या गुनाह किया जो चले गए...

(पत्रकार और डेटा विशेषज्ञ अपूर्व भारद्वाज की फेसबुक वॉल से)

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

केके के साथी धीरज शर्मा ने कहा - अविश्वसनीय

महान गायक कृष्ण कुमार उर्फ ​​केके का कोलकाता में लाइव परफॉर्म करने के दौरान निधन हो गया! एक से एक सूपर हिट गाने देने वाले मेरे प्यारे दोस्त KK हम सबको अलविदा कह गए.. आपके साथ किए गए शोज़, बिताया हुआ समय कभी भुला ना पाऊँगा...

आप अपनी अंतिम सांस तक हम सभी का मनोरंजन करते रहे। याद बहुत आओगे दोस्त ।

(धीरज शर्मा की फेसबुक वॉल से)

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें