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कश्मीर में आतंकवाद का चेहरा : ख़ून से लथपथ शव के पास बैठा रहा 3 साल का बच्चा

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद एक बार फिर बेनकाब हुआ, जब तीन साल का एक मासूम बच्चा गोलियों से छलनी अपने दादा के शव के पास बैठा रोता रहा और सुरक्षा बल के जवान उसे बचा कर ले गए। 

लाश के पास बैठा बच्चा

इससे जुड़ी तसवीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस तसवीर में साफ़ देखा जा सकता है कि यह मासूम ख़ून से लथपथ सड़क पर पड़ी अपने दादा की लाश के पास बैठा है।
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थोड़ी देर बाद केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के जवान वहाँ आए, बच्चे को गोलियों की बौछार के बीच सुरक्षित बचा कर ले गए। एक दूसरी तसवीर में देखा जा सकता है कि वह बच्चा गाड़ी में बैठा है, सुबक रहा है, सुरक्षा बल के जवान उसे बिस्किट और चॉकलेट दे रहे हैं।
sopore child sitting near blood splattered body rescued by security men - Satya Hindi

गश्ती दल पर हमला

बुधवार की सुबह श्रीनगर से करीब 50 किलोमीटर दूर सोपोर में सीआरपीएफ़ के गश्त लगा रहे जवानों पर घात लगा कर बैठे आतंकवादियों ने गोलियाँ चलाईं। सुरक्षा बल के लोगों ने भी जवाबी फ़ायरिंग की।
उसी समय वहाँ मारुति गाड़ी आकर रुकी और उससे निकले एक व्यक्ति ने एक बच्चे को लेकर सुरक्षित जगह में पनाह लेने की सोची। पर गाड़ी से निकलते ही आतंकवादियों की गोली उसे लगी और वहीं उसी समय बीच सड़क पर ही गिर कर मर गया। सुरक्षा बल के जवानों ने गोलियों की बौछार के बीच बच्चे को सुरक्षित निकाला। 
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्वीट कर उस बच्चे को सुरक्षित निकाले जाने की सूचना दी और तसवीर भी साझा की। 

सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर ज़बरदस्त बहस छिडी हुई है। कुछ लोग इसके लिए सुरक्षा बलों की तारीफ कर रहे हैं कि उन्होंने एक बच्चे को सुरक्षित निकाला। इसके साथ ही आतंकवादियों की तीखी आलोचना हो रही है कि उनकी चपेट में एक मासूम बच्चे की यह स्थिति हो गई। 
बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए ट्वीट किया- पुल्तिज़र लवर्स? 
पात्रा के इस ट्वीट पर ज़बरदस्त प्रतिक्रिया हो रही है। कई लोगों ने उन्हें फटकार लगाई और सवाल उठाया कि क्या वह बिल्कुल संवेदनहीन हो गए हैं या क्या वह हर सीमा को पार कर चुके हैं?

ट्विटर युद्ध!

फ़िल्म अभिनेत्री दीया मिर्जा ने ट्वीट किया, 'क्या आपके अंदर थोड़ी सी भी संवेदना बची हुई है?'

इसके बाद पात्रा और मिर्ज़ा के बीच ट्विटर युद्ध छिड़ गया और दोनों ने एक दूसरे पर तीखे हमले किए। 

पात्रा ने कहा, 'हाँ मैडम, मुझमें संवेदनाएं हैं। अपनी सेना के लिए। हर भारतीय नागरिक के लिए चाहे वह किसी भी धर्म का क्यों ना हो। लेकिन आपकी तरह हमारी संवेदनाएं सेलेक्टिव नहीं है। याद रखिए, मैं सेलेक्टिव प्लेकार्ड होल्डर नहीं हूं। मैं आपका फ़ैन हूँ और मैं देखना चाहूँगा कि आप हाथ में पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद की निंदा करते हुए एक प्लेकार्ड को अपने हाथ में थाम कर खड़ी हों।'

दीया मिर्ज़ा ने संबित पात्रा के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा, 'संवेदनाएं कभी भी सेलेक्टिव नहीं होती हैं। या तो वे आपके पास होती हैं या फिर नहीं। किसी भी बच्चे को इस तरह के दर्द और भयावहता से नहीं गुजरना चाहिए जैसा इस बच्चे के साथ हुआ है। आप अपनी पॉलिटिक्स करनी बंद कीजिए और मैं आपको अपना सपोर्ट दूँगी। फिर चाहे मेरे हाथों में प्लेकार्ड हो या नहीं।'
अमेरिका में काम कर रहे पत्रकार और मशहूर लेखक आतिश तसीर ने संबित पात्रा पर हमला किया और उन्हें खरी खोटी सुनाई। 
इसके बाद तसीर और पात्रा में ट्विटर युद्ध चला और दोनों ने एक दूसरे पर ज़ोरदार हमले किए। तसीर ने पात्रा से कहा कि यह शर्मनाक है कि वह भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि यह उनके पिता के देश और उसके जिहाद को बेनकाब करने के लिए है। बता दें कि आतिश तसीर के पिता सलमान तसीर पाकिस्तानी राज्य पंजाब के गवर्नर थे जब उनके अंगरक्षक ने ही उन्हें गोली मार दी थी। 
लेकिन कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर ही सुरक्षा बलों पर यह आरोप लगाया है कि उसने बच्चे के दादा को मार दिया। सोपोर पुलिस ने इसका ज़ोरदार शब्दोें में खंडन किया है। 

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