धनबाद में ज़िला जज उत्तम आनन्द की रहस्यमय ढंग से मृत्यु हो गई। जज उत्तम आनन्द मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। वे रोज की भांति गल्फ ग्राउंड जा रहे थे कि एक वाहन ने उन्हें धक्का मार दिया और जज साहब की स्थल पर ही मौत हो गई।
जज की मौत पर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि वे न सिर्फ़ संजीव सिंह के क़रीबी रहे रंजय हत्याकांड की सुनवाई कर रहे थे बल्कि उन्होंने नीरज सिंह हत्याकांड के शूटर व संजीव सिंह के क़रीबी अमन सिंह गिरोह के दो शूटर अभिनव और रवि ठाकुर को जमानत देने से इनकार कर दिया था।
जो भी गैंग हो उसकी नज़र सिर्फ़ कोयला, कोयले के अड्डों और कोयला कारोबारियों पर है। अमन का नाम लेकर ही धनबाद मुख्यालय से 28 किलोमीटर दूर दामोदा कोलियरी के घुटवे पैच आउटसोर्सिंग में अंधाधुंध गोलियाँ चलाकर दहशत फैलाया गया। एक चिट्ठी भी छोड़ी गई कि अमन सिंह को नोट पहुँचाओ नहीं तो जान पर चोट आएगी।