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कर्नाटक : ऑक्सीजन की कमी से दो घंटे में 24 मरे

कर्नाटक के चामराजनगर स्थित एक सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से दो घंटे में 24 लोगों की मौत हो गई। अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि कर दी है। इन मौतों पर हड़कंप मचा हुआ है। राज्य सरकार ने मामले की जाँच का आदेश दे दिया है और इस पर कैबिनेट की बैठक मंगलवार को बुलाई है। 
अस्पताल के एक अधिकारी ने 'एनडीटीवी' से कहा कि रविवार की बीच रात 12 बजे से 2 बजे के बीच ऑक्सीजन का दवाब कम हो गया क्योंकि उस दिन ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हुई थी। उस समय वहाँ 144 मरीजों का इलाज चल रहा था, जिसमें 23 कोरोना से संक्रमित थे। मरने वालों में कुछ को कोरोना था। 
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'आपराधिक लापरवाही'

इसके बाद सोमवार की सुबह मृतकों के परिजन अस्पताल के बाहर एकत्रित हो गए, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है।

कर्नाटक के विपक्ष ने इस पर सरकार को निशाने पर लिया है और उस पर झूठ बोलने और आपराधिक लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेता डी. के. शिवकुमार ने ट्वीट कर रहा कि आपराधिक अनदेखी के कारण कर्नाटक में 24 लोगों की मौत हुई। 

उन्होंने मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ सुधाकर पर लगातार झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या किसी की कोई जवाबदेही ही नही है?

शिवकुमार ने पूछा कि और कितने लोगों की जानें जाएंगी क्योंकि राज्य सरकार ऑक्सीजन की आपूर्ति में नाकाम है।

जाँच का आदेश

गृह मंत्री बासवराज बोम्मई ने राज्य के पुलिस प्रमुख से कहा है कि पूरे मामले की जाँच कर जल्द रिपोर्ट सौंपें। इसम मुद्दे पर मंगलवार को कैबिनेट की बैठक रखी गई है। 

इस बीच राज्य के उप मुख्यमंत्री अस्वथनारायण सी. एन. ने कहा कि उन्हें चामराजनगर की घटना पर बहुत ही दुख पहुँचा है, मामले की जाँच की जा रही है, नागरिकों का स्वास्थ्य सर्वोपरि है। 

'मर गए या मारे गए?'

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सरकार पर हमला बोला है और सवाल किया है कि लोग मारे गए या उन्हें मार दिया गया है। उन्होंने इसके साथ ही मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। 

दिल्ली में भी ऑक्सीजन की कमी से मौत

दिल्ली के बत्रा अस्पताल में 1 मई को ऑक्सीजन की कमी से एक डॉक्टर समेत आठ लोगों की मौत हो गई है। 

अस्पताल ने दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि 12.45 बजे ऑक्सीजन ख़त्म हो गया था, ऑक्सीजन टैंकर अस्पताल में दोपहर 1.30 बजे पहुँचे, उसके पहले ही ऑक्सीजन ख़त्म हो चुका था लगभग 45 मिनट तक लोगों को बगैर ऑक्सीजन के ही रहना पड़ा। 

मेरठ में सात मरे

इसके पहले 28 अप्रैल को मेरठ के दो अस्पतालों में मंगलवार को ऑक्सीजन की कमी से कुल मिला कर सात कोरोना मरीजों की मौत हो गई है। 

निजी क्षेत्र के आनंद अस्पताल में तीन और केएमसी अस्पताल में चार कोरोना मरीजों की मौत हो गई क्योंकि ऑक्सीजन की कमी के कारण प्रेशर नहीं बना और मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिली। 

आनंद अस्पताल के मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डॉ. सुभाष यादव ने ऑक्सीजन की कमी की बात मानी। उन्होंने एनडीटीवी से कहा कि 'ऑक्सीजन की कमी लगातार बनी हुई है।'

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