कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार सुबह ब्रेकफास्ट मीट में अपने कैबिनेट सहयोगियों को बताया है कि वे अपने पद से हट जाएँगे। ऐसा मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है। कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच सिद्धारमैया ने गुरुवार को ब्रेकफास्ट मीट आयोजित की। इस बैठक में उनके डिप्टी DK शिवकुमार भी मौजूद थे। रिपोर्ट है कि सिद्धारमैया गुरुवार दोपहर 3 बजे औपचारिक रूप से अपना इस्तीफ़ा दे सकते हैं।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के सरकारी आवास पर आयोजित ब्रेकफास्ट मीट में डिप्टी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को सीएम के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। बैठक में कई कैबिनेट मंत्रियों ने भी हिस्सा लिया। शिवकुमार द्वारा सिद्धारमैया के पैर छूने के इस इशारे ने राजनीतिक गलियारों में सीएम के बदलाव की चर्चा का बाजार और गर्म कर दिया। दोनों नेताओं की तस्वीरों को कर्नाटक कांग्रेस ने 'यूनिटी' के रूप में पेश किया है।
अटकलें हैं कि 77 वर्षीय सिद्धारमैया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और डीके शिवकुमार उनके स्थान पर नए मुख्यमंत्री बन सकते हैं। कांग्रेस हाईकमान ने सिद्धारमैया को पद छोड़ने का संकेत दिया है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार इस बात की ज़ोरदार अटकलों के बीच कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कर्नाटक की बागडोर उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को सौंप सकते हैं, लोक भवन के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि मुख्यमंत्री ने अभी तक राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने का समय नहीं माँगा है।
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यह बात मुख्यमंत्री कार्यालय के शीर्ष सूत्रों के बुधवार को दिए गए बयान के एक दिन बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सिद्धारमैया ने गुरुवार को राज्यपाल गहलोत से मिलने का समय माँगा है। लोक भवन के अधिकारियों ने बताया कि गहलोत इस समय अपने गृह नगर मध्य प्रदेश के इंदौर में हैं।

हाईकमान का प्रस्ताव

अटकलें तो यह भी है कि कांग्रेस हाईकमान ने सिद्धारमैया को पद छोड़ने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर कोई बड़ी जिम्मेदारी और राज्यसभा सीट देने का ऑफर दिया है। लेकिन सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्टें हैं कि सिद्धारमैया राज्यसभा जाने को तैयार नहीं हैं और वे विधायक बने रहना चाहते हैं। कहा जा रहा है कि राहुल गांधी के सीधे संदेश के बाद सिद्धारमैया इस्तीफा देने को तैयार हो गए हैं। उन्होंने पहले ही कह रखा था कि अगर राहुल गांधी कहेंगे तो वे इस्तीफा दे देंगे।

सीएम के बदलाव की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री के आवास के बाहर सिद्धारमैया के समर्थक जुट गए और उनके समर्थन में नारे लगाने लगे। वे मुख्यमंत्री बदलाव के खिलाफ विरोध जता रहे हैं।

2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों ही मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे। अंत में शिवकुमार को डिप्टी सीएम बनाया गया। तब खबरें आई थीं कि दोनों नेताओं के बीच बारी-बारी से मुख्यमंत्री बनने का फॉर्मूला तय हुआ था, जिसमें दो-ढाई साल बाद शिवकुमार मुख्यमंत्री बनते। हालांकि कांग्रेस ने इन रिपोर्टों को खारिज किया कि ऐसा कोई समझौता हुआ है।
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नवंबर 2025 में सरकार अपना आधा कार्यकाल पूरा कर चुकी है, जिसके बाद नेतृत्व बदलाव की अटकलें फिर से तेज हो गई थीं।

आधिकारिक घोषणा नहीं

अभी तक सिद्धारमैया या कांग्रेस हाईकमान की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन ब्रेकफास्ट मीट का कार्यक्रम और शिवकुमार का पैर छूना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि कर्नाटक में जल्द ही बड़े सियासी बदलाव होने वाले हैं। सभी की निगाहें अब सिद्धारमैया के अगले क़दम और डीके शिवकुमार के भविष्य पर टिकी हुई हैं।