कर्नाटक की राजनीति में इस समय सबसे बड़ा भूचाल आया हुआ है। राज्य में कांग्रेस सरकार में बड़े नेतृत्व परिवर्तन (Change of Guard) की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया गुरुवार सुबह (28 मई) राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इस संभावित बदलाव के बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं।

'मैं कल बात करूँगा': मुख्यमंत्री सिद्धारमैया

सत्ता हस्तांतरण और इस्तीफे की खबरों के बीच जब मीडिया ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से सवाल किया, तो उन्होंने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मैं कल (गुरुवार को) बात करूँगा।" इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।

गुरुवार सुबह कैबिनेट मंत्रियों के साथ 'ब्रेकफास्ट मीटिंग'

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार सुबह अपने सरकारी आवास पर कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ सहयोगियों के लिए एक 'ब्रेकफास्ट मीटिंग' (नाश्ते पर बैठक) बुलाई है। माना जा रहा है कि सिद्धारमैया इस बैठक में अपने मंत्रियों को इस्तीफे के फैसले और हाईकमान के संदेश से अवगत कराएंगे। इसके ठीक बाद वे राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। 

कांग्रेस हाईकमान का फैसला और सिद्धारमैया को नया प्रस्ताव

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को नई दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान (जिसमें मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी शामिल हैं) के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री को साफ संकेत दे दिए गए थे कि पार्टी अब राज्य में सत्ता हस्तांतरण और संगठन के पुनर्गठन की ओर देख रही है।
सिद्धारमैया कर्नाटक के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्रियों में से एक हैं, जिन्होंने कुल मिलाकर आठ साल से अधिक समय तक राज्य की कमान संभाली है (मौजूदा कार्यकाल के तीन साल पूरे हो चुके हैं)। कांग्रेस हाईकमान ने उनके कद का सम्मान करते हुए उन्हें अपनी पसंद का पद चुनने का विकल्प दिया है। 
  • पार्टी सूत्रों के मुताबिक:उन्हें अखिल भारतीय स्तर पर बड़ी भूमिका या राज्यसभा सांसद का पद ऑफर किया गया है। भविष्य में उन्हें राज्यसभा में विपक्ष का नेता (Leader of the Opposition) बनाने का भी आश्वासन दिया गया है। उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (KPCC चीफ) का पद चुनने की भी छूट दी गई है।

सिद्धारमैया ने जनता के नाम भावुक संदेश में गिनाईं उपलब्धियां

पद छोड़ने की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'X' (ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा किया, जिसे उनके विदाई संदेश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने पर गर्व व्यक्त करते हुए लिखा कि उनकी सरकार ने चुनाव से पहले जनता से किए गए हर एक वादे (गारंटियों) को पूरी निष्ठा के साथ निभाया है। उन्होंने सरकार की इन सभी उपलब्धियों को "प्रत्येक कन्नड़ भाषी" (Every Kannadiga) को समर्पित किया।

डी.के. शिवकुमार की दावेदारी मजबूत, बेंगलुरु में बैठकों का दौर

सिद्धारमैया के इस्तीफे की संभावनाओं के बीच उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के खेमे में भारी उत्साह देखा जा रहा है। दिल्ली से लौटने के बाद बेंगलुरु के इंदिरा भवन और वरिष्ठ नेताओं के आवासों पर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। इस रेस में सतीश जारकीहोली और जी. परमेश्वर जैसे अन्य वरिष्ठ नेताओं के नामों पर भी चर्चा चल रही है, लेकिन मुख्यमंत्री पद के लिए डी.के. शिवकुमार का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है।
कांग्रेस के आधिकारिक प्रवक्ताओं ने फिलहाल खुलकर इस पर कुछ भी कहने से इनकार किया है और इसे पार्टी का आंतरिक प्रशासनिक निर्णय बताया है। बहरहाल, गुरुवार सुबह होने वाली कैबिनेट मंत्रियों की बैठक और राज्यपाल से मुलाकात के बाद कर्नाटक की राजनीति की अगली तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।