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मोदी जी ने मुझसे रफ़ाल सौदे पर बहस नहीं की: राहुल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा है कि यह चुनाव जनता के मुद्दों पर लड़ा गया है। राहुल ने कहा कि चुनाव में कांग्रेस ने बेरोज़गारी, किसानों की ख़राब हालत, नोटबंदी, जीएसटी और रफ़ाल सौदे में गड़बड़ी को मुद्दा बनाया। 
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राहुल ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस की शुरुआत करते हुए कहा कि मैं सबसे बड़ा धन्यवाद हिंदुस्तान की जनता को देना चाहता हूँ। राहुल ने कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं को भी चुनाव में मेहनत के लिए धन्यवाद दिया। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री पहली बार प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर रहे हैं और वह भी चुनाव नतीजे आने से 4-5 दिन पहले। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पत्रकारों के आने के लिए दरवाजा बंद कर दिया गया। कांग्रेस अध्य़क्ष ने कहा, प्रधानमंत्री जी मैं आपसे पूछना चाहता हूँ कि आपने मुझसे रफ़ाल सौदे पर बहस क्यों नहीं की, मैंने आपको चुनौती दी कि मैं आपसे अनिल अंबानी के बारे में बात करना चाहता हूँ कि आपने उनकी जेब में 30 हज़ार करोड़ रुपये क्यों डाल दिए लेकिन आपने मेरी चुनौती को स्वीकार नहीं किया। 
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राहुल ने कहा कि हमने मोदी के झूठ को उजागर किया है। हमने लोगों को बताया कि वह 15 लाख रुपये नहीं दे सकते हैं। चुनाव परिणाम को लेकर पूछने पर राहुल ने कहा कि 23 तारीख़ को पता लग जाएगा कि जनता क्या चाहती है और चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने बहुत अच्छा काम किया है। ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर सवाल पूछने पर राहुल ने कहा कि लोकसभा चुनाव में चुनाव आयोग का रोल पूरी तरह पक्षपातपूर्ण रहा है। राहुल ने कहा कि नरेंद्र मोदी जो कहना चाहते हैं, कह देते हैं और उसी बात को कहने के लिए दूसरे लोगों को टोका जाता है। उन्होंने कहा कि पूरे चुनाव का कार्यक्रम नरेंद्र मोदी के प्रचार के लिए बनाया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी के पास, मोदी जी के पास बहुत पैसा है, मार्केटिंग है और हमारे पास सिर्फ़ सच्चाई है।  
राहुल ने तंज कसा कि पत्रकार उनसे कठिन सवाल पूछते हैं जबकि नरेंद्र मोदी से पूछते हैं कि आप आम कैसे खाते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जी की विचारधारा हिंसा की विचारधारा है।
राहुल ने आगे कहा कि पत्रकार हमसे सवाल पूछते हैं कि न्याय योजना का पैसा कहाँ से आएगा। जब मोदी जी से पूछा गया कि बालाकोट हमले के बारे में बताएँ तो उन्होंने कहा कि मौसम ख़राब है, रडार नहीं पकड़ पाएगा।'एक पत्रकार के यह पूछने पर कि राहुल गाँधी के ही मुताबिक़, केंद्र में ग़ैर बीजेपी सरकार बनने जा रही है, तो ऐसे में कांग्रेस विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए क्या कर रही है, इस पर राहुल ने कहा कि इस बारे में जनता 23 मई को फ़ैसला लेगी और हम उसी हिसाब से आगे का निर्णय लेंगे।एक सवाल के जवाब में राहुल ने कहा कि वह नरेंद्र मोदी की तरह नहीं है कि अनुभवी लोगों को धक्का मारकर भगा दें। हम पार्टी के वरिष्ठ लोगों के अनुभव का लाभ उठाएँगे।
राहुल ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विचाराधारा के स्तर पर मायावती, मुलायम सिंह, ममता और चंद्रबाबू नायडू बीजेपी को सपोर्ट नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘मुझे यह बताने में गर्व हो रहा है कि हम मोदी और आरएसएस से लड़ रहे हैं।’राहुल ने कहा, ‘मैं नरेंद्र मोदी जी के माता-पिता का आदर करता हूँ और प्रधानमंत्री पद का भी आदर करता हूँ। मैं उन्हें नफ़रत के बदले में प्यार लौटाऊँगा। अगर उनके माता-पिता ने कुछ ग़लत भी किया फिर भी मैं उनके माता पिता के बारे में नहीं बोलूँगा। लेकिन अगर वह हमारे बारे में गंदा बोलना चाहते हैं तो यह उनपर है।’
राहुल गाँधी पूरे लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी पर ख़ासे हमलावर रहे। वह नोटबंदी, जीएसटी और रफ़ाल सौदे को लेकर मोदी को लगातार घेरते रहे। राहुल ने पिछले एक साल से ही रफ़ाल सौदे को लेकर ‘चौकीदार चोर है’ का नारा अपनी रैलियों में लगवाना शुरू कर दिया था। इसका जवाब देने के लिए ही बीजेपी ने ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान शुरू किया था। ख़ैर, छह चरणों का मतदान हो चुका है और चुनाव नतीजे आने में अब सिर्फ़ छह दिन शेष हैं। 23 मई को पता लग जाएगा कि जनता ने किसे देश की सत्ता सौंपने का फ़ैसला किया है।
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