ऐसा नहीं है कि बेरोज़गारी की दिक्कत भारत के किसी एक क्षेत्र में है, उत्तर से लेकर दक्षिण और पूरब से लेकर पश्चिम, सब जगह बेरोज़गारी एक बड़ा सिर दर्द बन गयी है।
बता दें कि 2014 लोकसभा चुनाव के समय मोदी ने वादा किया था कि वह हर साल 2 करोड़ लोगों को रोज़गार देंगे। इसके उलट हाल के आँकड़े बताते हैं कि बेरोज़गारी पिछले 45 साल में ऊँचे पायदान पर खड़ी है।
सर्वे के आँकड़े कहते हैं कि जो किसान अपनी दुर्दशा के लिए केंद्र सरकार को ज़िम्मेदार ठहराते हैं उनमें से 41 फ़ीसदी इस पक्ष में हैं कि मोदी सरकार दुबारा सत्ता में आये। जबकि 47 फ़ीसदी इस राय के हैं कि दुबारा मौक़ा नहीं मिलना चाहिए।