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ट्रक पर यूँ सवार होकर जा रहे हैं मज़दूर। (प्रतीकात्मक तसवीर)फ़ोटो साभार: ट्विटर/अखिलेश यादव

मध्य प्रदेश: बस की टक्कर से ट्रक में सवार 8 मज़दूरों की मौत, 50 से ज़्यादा घायल

मध्य प्रदेश में प्रवासी मज़दूरों को ले जा रहे ट्रक के साथ बड़ा हादसा हो गया। एक बस की टक्कर से कम से कम 8 मज़दूर मारे गए और 50 से ज़्यादा घायल हो गए। घायलों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। मज़दूर ट्रक में यात्रा कर रहे थे। दुर्घटना बुधवार रात को गुना ज़िले में हुई। 

सभी मज़दूर महाराष्ट्र से अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश जा रहे थे। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि ट्रक में क़रीब 70 मज़दूर थे। पुलिस ने कहा है कि गुना से अहमदाबाद के लिए जा रही उस बस में कोई भी यात्री नहीं था उसमें सिर्फ़ ड्राइवर और एक खलासी थे। गुना में बाईपास रोड पर बस और ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई। रिपोर्टों में कहा गया है कि जिन लोगों को मामूली चोटें आई हैं उन्हें प्रशासन उत्तर प्रदेश में उनके घर भेजने की तैयारी कर रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने गुना हादसे में मारे गये लोगों के परिजनों को 2-2 लाख घायलों को 50-50 हज़ार रुपये की मदद की घोषणा की है।

मध्य प्रदेश सरकार ने हादसे में मारे गये लोगों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद देने का एलान किया है। घटना पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शोक जताया है। 
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बुधवार रात को ही उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में भी एक दुर्घटना हुई है। पैदल ही अपने घरों को लौट रहे मज़दूरों को उत्तर प्रदेश सरकार की एक बस ने कुचल दिया। इसमें छह लोगों की मौत हो गई और दो घायल हैं। हादसा बुधवार रात क़रीब 11 बजे हुआ। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि वे पंजाब से अपने अपने गृह राज्य बिहार लौट रहे थे। पुलिस का कहना है कि बस खाली थी और हादसे के बाद ड्राइवर बस को छोड़कर फरार हो गया। 

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एक हादसा मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर ज़िले में 10 मई को तड़के हुआ था। इममें उत्तर प्रदेश के पाँच श्रमिकों ने अपनी जानें गवाईं, जबकि 15 मज़दूर घायल हो गये थे। वे आमों से भरे एक ट्रक में छिपकर हैदराबाद से उत्तर प्रदेश के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया था।
हाल के दिनों में पैदल चल रहे मज़दूरों के साथ कई दुर्घटनाएँ की ख़बरें आई हैं। लेकिन उनमें से सबसे ज़्यादा चर्चा में महाराष्ट्र की घटना रही। महाराष्ट्र के औरंगाबाद से अपने राज्य मध्य प्रदेश लौट रहे 16 मजदूरों को एक ट्रेन ने कुचल दिया था। ये मज़दूर चलते-चलते इतने थक गए थे कि आराप करने के लिए बैठे तो रेलवे ट्रैक पर ही इनको नींद आ गई थी, तभी एक मालगाड़ी उनके ऊपर से गुजर गयी। 
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