loader

आयकर विभाग : दैनिक भास्कर ने की 700 करोड़ रुपए की कर चोरी

'दैनिक भास्कर' के कई ठिकानों पर छापा मारने और शुरुआती जाँच के बाद आयकर विभाग ने दावा किया है कि इस मीडिया कंपनी ने 700 करोड़ रुपए के कर की चोरी की है।

विभाग का यह आरोप भी है कि इस मीडिया कंपनी ने कई कर्मचारियों को फ़र्जी निदेशक बनाया और ग़ैरक़ानूनी ढंग से कंपनी से पैसे निकाल लिए। 

बता दें कि आयकर विभाग ने गुरुवार तड़के दैनिक भास्कर के मध्य प्रदेश सहित तीन राज्यों के 40 ठिकानों पर छापे मारे। 

ख़ास ख़बरें
शनिवार शाम आयकर विभाग ने एक बयान में कहा, "छापेमारी के दौरान पाया गया कि कर्मचारियों के नाम पर कई कंपनियाँ चलाई जा रही हैं, इन कंपनियों के ज़रिए नकली खर्च दिखाए गए हैं। कई कर्मचारियों के नाम कंपनी के शेयरहोल्डर व निदेशक के रूप में दर्ज हैं, लेकिन इन कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।" 
income tax : dainik bhakar evades 700 crore tax - Satya Hindi
आयकर विभाग ने कहा कि इन कंपनियों का इस्तेमाल मुनाफ़ा ग़ैरक़ानूनी तरीके से निकाल लेने, सर्कुलर ट्रेडिंग करने और निवेश करने में किया गया। 
बयान में यह भी कहा गया है कि इन तरीकों से कंपनी ने छह साल में लगभग 700 करोड़ रुपए के टैक्स की चोरी की है। यह रकम इससे ज़्यादा हो सकती है, विस्तृत जाँच के बाद इसका पता चल सकेगा।

आयकर विभाग ने यह भी कहा कि 'दैनिक भास्कर' के मालिकाना हक़ वाली कंपनी ने सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन भी किया है। 

आयकर विभाग ने कंपनी के प्रमोटरों और वरिष्ठ कर्मचारियों के घरों पर 26 लॉकरों का पता लगाया। 

income tax : dainik bhakar evades 700 crore tax - Satya Hindi
बता दें, दैनिक भास्कर पत्र समूह काफी वक्त से तल्ख़ खबरें कर रहा है। केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार के अलावा मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार को एक्सपोज़ करने वाली अनेक ख़बरें पिछले कुछ महीनों में समाचार पत्र ने बहुत प्रमुखता के साथ प्रकाशित की हैं।
क्या मीडिया घरानों को निशाने पर ले रही है सरकार? देखें वरिष्ठ पत्रकार अंबरीश कुमार का यह वीडियो।
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

मध्य प्रदेश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें