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बीजेपी की मंत्री बोलीं- मदरसों में पले-बढ़े हैं आतंकवादी

बीजेपी के नेताओं ने एक बार फिर मदरसों, लव जिहाद, आतंकवाद, जिन्ना, कश्मीर के मसलों पर बयान देने शुरू कर दिए हैं। ऐसे बयान उन राज्यों में दिए जा रहे हैं, जहां या तो चुनाव या उपचुनाव चल रहे हैं या कुछ महीने बाद होने वाले हैं। मिसाल के लिए कुछ दिन पहले असम सरकार के मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार सरकारी सहायता से चलने वाले 614 मदरसों को बंद करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी ‘लव जिहाद’ के मामलों के ख़िलाफ़ एक अभियान शुरू करेगी। असम में विधानसभा चुनाव में 6-7 महीने का वक्त बचा है। 

अब एक ताज़ा बयान मध्य प्रदेश से आया है। मध्य प्रदेश सरकार की संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर ने कहा है कि सारे आतंकवादी मदरसों में पले और बढ़े हैं। ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जम्मू-कश्मीर को आतंकवादियों की फैक्ट्री बनाकर रख दिया है। बता दें कि मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर उपचुनाव के लिए 3 नवंबर को मतदान होना है। 

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ठाकुर ने कहा, ‘ऐसे मदरसे जो राष्ट्रवाद से, समाज की मुख्य धारा से ख़ुद को नहीं जोड़ सकते उनको हमें समुचित शिक्षा के साथ जोड़कर समाज को सबकी प्रगति के लिए एक साथ आगे ले जाना चाहिए।’ 

मंत्री ने कहा कि राष्ट्रवाद में जो भी बाधा डालेगा, ऐसी सारी चीजें राष्ट्रहित में बंद होनी चाहिए। ठाकुर ने कहा, ‘मदरसों को सरकार से मिलने वाली सहायता बंद होनी चाहिए। यदि कोई निजी तौर पर अपने धार्मिक संस्कार देना चाहता है तो हमारा संविधान उसे छूट देता है।’ एस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि असम सरकार ने यह करके दिखा दिया है। 

कांग्रेस ने जताई आपत्ति

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने मंत्री के इस बयान पर आपत्ति जताई है। पार्टी के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि चुनाव आयोग को मंत्री के बयान का संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजेपी उपचुनाव के दौरान प्रचार को सांप्रदायिक एजेंडे की ओर ले जाने की कोशिश कर रही है और ऊषा ठाकुर का बयान इसी कोशिश का हिस्सा है। 

सीएए का राग क्यों?

इसी तरह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल में सीएए यानी नागरिकता संशोधन क़ानून का राग छेड़ दिया। नड्डा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सीएए जल्द लागू किया जाएगा। अगले साल मई में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं और बीजेपी वहां चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है। इसलिए लगता है कि वहां भी इस मुद्दे को जबरन उठाया गया है। 

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कुछ दिन पहले बिहार में एक जनसभा के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा था कि अगर यहां आरजेडी की सरकार बनी तो कश्मीर के आतंकी यहां आकर पनाह ले लेंगे, उसके बाद पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना का मुद्दा भी लाया गया। बिहार में चुनावी घमासान चरम पर है। 

ध्रुवीकरण की कोशिश?

मध्य प्रदेश में बीजेपी सरकार में है, वहां पर मुद्दा उसका काम होना चाहिए और उसे अपने काम लोगों को गिनाने चाहिए। लेकिन चुनाव के दौरान मदरसों को लेकर बयान देने से बीजेपी की नीयत पर सवाल खड़े होते हैं। वह सरकार में है, उसे लगता है कि कुछ ग़लत हो रहा है तो वह कार्रवाई करे लेकिन इस तरह के बयान एक साथ कई चुनावी राज्यों में दिए जाएंगे तो यह आरोप लगेगा ही कि बीजेपी ध्रुवीकरण की कोशिश कर रही है। 

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