महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम। रिपोर्ट्स के मुताबिक अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। शनिवार को शपथग्रहण की संभावना है।
सुनेत्रा पवार शनिवार को शाम 5 बजे महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकती हैं। कई रिपोर्टों के अनुसार दिवंगत अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। वे राज्य सरकार में एक्साइज और खेल मंत्रालय संभालेंगी। इसके साथ सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन जाएंगी। शनिवार को ही एनसीपी विधायक दल की बैठक होगी, जहां सुनेत्रा पवार को नेता चुने जाने की संभावना है। एनसीपी अध्यक्ष पद पर भी सुनेत्रा पवार के ही काबिज होने की संभावना है।
मीडिया रिपोर्टों में पार्टी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने का सुझाव दिया। इसका मकसद 7 फरवरी को होने वाले पुणे जिला परिषद चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करना है। पवार परिवार में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई। परिवार की बातचीत के बाद सुनेत्रा पवार ने हामी भर दी।
अजित पवार की विरासत आगे बढ़ाएँगी
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे में निधन के बाद पार्टी और महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। 63 साल की राज्या सभा सांसद सुनेत्रा पवार चार दशकों से पवार परिवार में हैं, लेकिन अब तक सक्रिय राजनीति से दूर रहीं।
सुनेत्रा पवार का जन्म 1963 में उस्मानाबाद में एक मराठा परिवार में हुआ। उनके पिता बाजीराव पाटिल स्थानीय नेता थे और भाई पद्मसिंह बाजीराव पाटिल 1980 के दशक में जिले के प्रभावशाली नेता बने। शादी से पहले ही वे महाराष्ट्र की एक मजबूत राजनीतिक परिवार से जुड़ी थीं। उन्होंने 1983 में औरंगाबाद के एस बी आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज से कॉमर्स में स्नातक किया। 1985 में उनके भाई ने अजित पवार से उनकी मुलाकात कराई और फिर शादी हो गई।सुनेत्रा अधिकतर समय सक्रिय राजनीति से दूर रहीं और बारामती में सामाजिक काम करती रहीं। उनका पहला बड़ा काम पवार परिवार के पैतृक गांव कठेवाड़ी में हुआ। वहां खुले में शौच और गंदगी देखकर उन्होंने सफाई अभियान चलाया।
वे खुद सफाई में शामिल हुईं और लोगों को शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया। 2006 में गांव को केंद्र सरकार का 'निर्मल ग्राम' पुरस्कार मिला।
कठेवाड़ी अब मॉडल इको विलेज बन गया है। यहां सोलर स्ट्रीट लाइट, बायोगैस प्लांट, कचरा प्रबंधन और जैविक खेती है। गांव को कई पुरस्कार मिले। यहां जमीन के रिकॉर्ड में मां का नाम भी पिता के साथ दर्ज करने और महिलाओं की सेल्फ-हेल्प ग्रुप को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए गए।
2008 में सुनेत्रा ने बारामती हाई टेक टेक्सटाइल पार्क की स्थापना में मदद की। 65 एकड़ का यह पार्क केंद्र की योजना के तहत बना। यहाँ 15000 से ज्यादा मजदूर काम करते हैं, जिसमें ज्यादातर महिलाएँ हैं। कपड़े बनाने, बुनाई और प्रिंटिंग के यूनिट हैं। सुनेत्रा इस प्रोजेक्ट की चेयरपर्सन हैं।
राजनीतिक करियर
सुनेत्रा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पहली बार चुनाव लड़ा। अजित पवार ने उन्हें एनसीपी से बारामती से उम्मीदवार बनाया, जो भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ थी। उनके सामने शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले थीं। सुनेत्रा हार गईं।
हार के बाद जून 2024 में उन्हें राज्य सभा भेजा गया। इसे अजित पवार का कदम माना गया, ताकि सुनेत्रा को राजनीतिक भूमिका मिले। उनका नाम कुछ विवादों में भी आया है। महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक मामले में सुनेत्रा का नाम शुरुआती जांच में आया, क्योंकि कुछ कंपनियों से लिंक था। 2021 में ईडी ने अजित और सुनेत्रा से जुड़ी कंपनियों की संपत्ति जब्त की, लेकिन चार्जशीट में उनका नाम नहीं था। अप्रैल 2024 में मुंबई पुलिस के इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने उन्हें क्लीन चिट दी, कहा गया कि लोन या शुगर मिल के लेन-देन में कोई अपराध नहीं मिला।
सुनेत्रा के सामने चुनौतियाँ
सुनेत्रा शांत स्वभाव की हैं और राजनीतिक अनुभव कम है। उन्हें लंबे समय से मंत्री और संगठन संभालने वाले वरिष्ठ नेताओं से निपटना होगा। अगर एनसीपी के दोनों गुट का विलय हुआ तो नयी तरह की चुनौतियाँ भी आएँगी। सुनेत्रा की निर्भरता कुछ हद तक उनके बेटों पार्थ और जय पर भी हो सकती है। दोनों अभी राजनीति में खुद को साबित कर रहे हैं। इसके साथ ही पार्टी के उन नेताओं को संभालना होगा जो अक्सर भाजपा से जुड़कर अपनी सुरक्षा करते रहे हैं।