बलात्कार के आरोपी बाबा और एस्ट्रोलॉजर अशोक खरात से कथित संबंधों को लेकर आलोचना झेल रहीं महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने इस्तीफा दे दिया है। हालाँकि, उन्होंने इस्तीफ़े की वजह व्यक्तिगत कारण बताया है। लेकिन कहा जा रहा है कि इस मामले में फडणवीस सरकार की किरकिरी होने के बाद उनपर इस्तीफ़े के लिए जबरदस्त दबाव था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें पद से हटने के लिए कहा था। पर चाकणकर ने जो इस्तीफ़ा दिया है उसमें बलात्कार के आरोपी बाबा से संबंधों का ज़िक्र तक नहीं किया है।
रूपाली चाकणकर एनसीपी की महिला मोर्चा प्रमुख भी हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा उपमुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार को दिया। इस्तीफा पत्र में उन्होंने 'व्यक्तिगत कारणों' का हवाला दिया है। लेकिन कहा जा रहा है कि यह फ़ैसला राजनीतिक दबाव की वजह से हुआ है। नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़े के लिए दबाव बन रहा था। क्योंकि सोशल मीडिया पर उनके और अशोक खरात के पुराने फोटो और वीडियो वायरल हो गए थे। इनमें रूपाली चाकणकर खरात के पैर धोती और उनके लिए छाता थामती दिख रही हैं।
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एनसीपी के एक वरिष्ठ नेता ने द हिंदू को बताया कि पार्टी ने उन्हें नैतिक आधार पर पद छोड़ने को कहा था। उन्होंने सुनेत्रा पवार से मुलाकात की और अपना पक्ष रखा। उसके बाद इस्तीफा दिया गया। सुनेत्रा पवार ने इस्तीफे को आगे बढ़ा दिया है। पार्टी अब इस्तीफे पर फैसला लेगी।

'बाबा' अशोक खरात पर क्या आरोप

अशोक खरात नासिक के रहने वाले हैं। वह खुद को ज्योतिषी और कैप्टन बताते थे। पुलिस ने उन्हें 18 मार्च को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने कई महिलाओं को धोखा दिया, उनके व्यक्तिगत और वैवाहिक समस्याएं सुलझाने के बहाने उन्हें ड्रग्स देकर नशा दिया और कई बार बलात्कार किया। 

पुलिस ने अशोक खरात के घर से 58 आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए हैं, जिनमें करीब 58 अलग-अलग महिलाएँ हैं। साथ ही एक पिस्तौल और कारतूस भी मिले। मामले की जाँच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी एसआईटी बनाई गई है।

चाकणकर ने विक्टिम कार्ड खेला?

रूपाली चाकणकर ने अब खुद को पीड़ित बताया है और कहा है कि उन्हें एक महिला होने के कारण निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खरात दंपति को उनका परिवार गुरु मानता था। वीडियो 5-6 साल पुराना है, जो गुरु पूर्णिमा के दिन लिया गया था। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने सफाई में कहा है, 'भविष्य में कोई व्यक्ति कैसा व्यवहार करेगा, यह पहले नहीं पता चलता। मैं खुद इस घटना से हैरान हूं।"
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चाकणकर ने दावा किया कि उनके बारे में गलत खबरें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

विपक्ष का महायुति सरकार पर हमला

विपक्ष ने महायुति सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने कहा कि यह कार्रवाई बहुत देर से हुई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकल ने कहा, 'यह सिर्फ हाल की घटना नहीं है। पहले भी रूपाली चाकणकर आरोपी पक्ष में खड़ी मिलीं। उन्होंने महिलाओं और पीड़ितों के अधिकारों के लिए कभी खास नहीं किया। एक साल पहले उन्होंने एक पत्रकार को धमकाया था और खरात से जुड़े मामले में माफी मांगने को कहा था। यह साजिश को दिखाता है। महिला आयोग ने तब नोटिस जारी किया था। जैसे ही उनका नाम आया, उन्हें तुरंत बर्खास्त करना चाहिए था। उन्हें सम्मानजनक तरीके से निकाला गया है।'
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सपकल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बीजेपी की सत्ता केंद्रित करने की कोशिश है। गृह मंत्री के रूप में फडणवीस को सब पता था, फिर भी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने पार्थ पवार मामले का भी ज़िक्र किया जहाँ सरकार ने पहले दोषी बताया और फिर क्लीन चिट दे दी।