बीजेपी नागपुर शहर सोशल मीडिया सेल प्रमुख शिशिर त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि कई यूज़रों ने E20 पर गुमराह करने वाले दावे फैलाए और नितिन गडकरी को बदनाम किया। मनीष कश्यप, desi_boysncr, हर्षित राठी और अंकलेश इनवेट जैसे यूज़रों पर केस दर्ज हुआ है
एथेनॉल यानी E20 और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर सवाल उठाने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई है। आरएसएस मुख्यालय वाले शहर नागपुर में बीजेपी ने मनीष कश्यप सहित चार सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसरों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराई है। आरोप लगाया गया है कि इन्होंने E20 पेट्रोल पर ग़लत जानकारी फैलाई और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को बदनाम किया और अपशब्दों का इस्तेमाल किया।
बीजेपी की नागपुर शहर सोशल मीडिया सेल की शिकायत पर बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप समेत चार सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को आरोपी बनाया गया है। मनीष कश्यप के अलावा इंस्टाग्राम पेज desi_boysncr के एडमिन, हर्षित राठी, अंकलेश इनवेट को भी आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि इन इन्फ्लूएंसरों ने E20 ईंधन को लेकर भ्रामक जानकारी, आपत्तिजनक भाषा और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट सोशल मीडिया पर साझा किए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
किन धाराओं में FIR दर्ज हुई?
शिकायत के आधार पर नागपुर साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें धारा 356 यानी मानहानि, धारा 352 यानी जानबूझकर अपमान कर शांति भंग करने की मंशा, धारा 296 यानी अश्लील कृत्य शामिल हैं। आईटी एक्ट की धारा 67 यानी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने का आरोप भी लगाया गया है।
बीजेपी सोशल मीडिया सेल के प्रमुख शिशिर त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि कई यूट्यूब और इंस्टाग्राम अकाउंट्स ने ऐसे वीडियो पोस्ट किए जिनमें दावा किया गया कि E20 पेट्रोल वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंचाता है।शिकायत के अनुसार इन वीडियो में E20 ईंधन को वाहन खराब होने का कारण बताया गया। शिकायत में दावा किया गया है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। ऐसी जानकारी साझा की गई जिससे आम लोगों में भ्रम पैदा हो सकता है।
मनीष कश्यप के वीडियो पर क्या आपत्ति?
शिकायत में कहा गया है कि मनीष कश्यप के एक वीडियो में एक वाहन मालिक का इंटरव्यू दिखाया गया, जिसने दावा किया कि E20 पेट्रोल के कारण उसकी गाड़ी में खराबी आई। बीजेपी नेता का आरोप है कि इस तरह के वीडियो से यह गलत संदेश दिया गया कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन सभी वाहनों के लिए नुकसानदेह है, जबकि सरकार ऐसी बात से इनकार करती रही है।अन्य वीडियो भी शिकायत में शामिल
एफआईआर में कुछ अन्य वीडियो का भी ज़िक्र किया गया है, जिनके शीर्षक बताए गए हैं- 'Defender हो गई खराब', 'क्या अब 167 रुपये वाला XP100 पेट्रोल ही बचाएगा आपकी गाड़ी?' इन वीडियो में दावा किया गया कि E20 ईंधन से इंजन में जंग लग सकती है और वाहन को भारी नुकसान हो सकता है।
इंस्टाग्राम पेज desi_boysncr के संचालक ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि उनकी गाड़ी वास्तव में खराब हुई थी। उन्होंने कहा, 'मेरी गाड़ी एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की वजह से खराब हुई। मैंने पेट्रोल पंप पर रिकॉर्ड किए गए वीडियो के साथ पूरा अनुभव साझा किया था।' उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अभी तक कोई कानूनी नोटिस या एफआईआर की प्रति नहीं मिली है।
हर्षित राठी पर क्या आरोप?
शिकायत में हर्षित राठी के इंस्टाग्राम अकाउंट का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि उन्होंने नितिन गडकरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की एडिट की गई तस्वीरें साझा कीं और उनके साथ कथित रूप से आपत्तिजनक तथा अशोभनीय कैप्शन लिखे।
नागपुर साइबर पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच जारी है। उनका नाम केवल उन सोशल मीडिया पोस्टों में आने के कारण शिकायत का हिस्सा बना है।
E20 फ्यूल को लेकर क्यों है विवाद?
केंद्र सरकार देशभर में ई20 यानी एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है। सरकार का कहना है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी, प्रदूषण कम होगा, किसानों को एथेनॉल उत्पादन से फायदा मिलेगा और जैव ईंधन को बढ़ावा मिलेगा।हालाँकि कई वाहन मालिकों और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों ने दावा किया है कि कुछ पुराने वाहनों में E20 ईंधन के इस्तेमाल से इंजन, माइलेज और अन्य तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं। हालाँकि, सरकार ने इन सभी दावों को खारिज किया है। हाल में हरदीप पुरी और नितिन गडकरी इतना स्वीकार किया कि माइलेज पर मामूली असर पड़ सकता है। यही मुद्दा पिछले कुछ महीनों से सोशल मीडिया पर व्यापक बहस का विषय बना हुआ है।
बहरहाल, नागपुर साइबर पुलिस सभी सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस ने अभी यह नहीं बताया है कि जांच कब तक पूरी होगी या आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।