महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा एक निजी लर्नजेट 45 विमान (रजिस्ट्रेशन VT-SSK) बारामती एयरफील्ड पर लैंडिंग के प्रयास के दौरान क्रैश कर गया। जिसमें अजित पवार समेत सभी पांच लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में अजित पवार सहित दो क्रू मेंबर्स और दो अन्य यात्री शामिल थे। Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने इस घटना के बारे में विस्तृत जानकारी जारी की है, जिसमें पता चला है कि पायलटों को रनवे दिखाई नहीं दे रहा था और कोई मे डे कॉल (Mayday call) जारी नहीं किया गया था। डीजीसीए के सफाई देने के बावजूद तमाम सवाल बने हुए हैं। यही वजह है कि पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव ने इस मामले की जांच की मांग की है। 

DGCA के अनुसार, दिल्ली स्थित VSR Ventures Pvt. Ltd द्वारा संचालित यह विमान मुंबई से बारामती जा रहा था। सुबह करीब 8:10 बजे मुंबई से उड़ान भरने के बाद, विमान ने 8:18 बजे बारामती से संपर्क किया और पुणे अप्रोच से रिलीज होने के बाद 30 नॉटिकल माइल्स दूर होने की जानकारी दी। क्रू को विजुअल मेटियोरोलॉजिकल कंडीशंस (VMC) में पायलट के विवेक पर उतरने की सलाह दी गई थी। उस समय विजिबिलिटी करीब 3,000 मीटर बताई गई थी और हवा शांत थी। यानी वहां पर मौसम की जो स्थिति थी, उसके बारे में पायलट को उसी अनुसार फैसला लेना था।

बारामती एक अनियंत्रित एयरफील्ड है, जहां ट्रैफिक सेवाएं फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशंस द्वारा दी जाती हैं, न कि एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा। यानी इसका मतलब ये हुआ कि बारामती जैसे महत्वपूर्ण एयरफील्ड पर तमाम तकनीकी सूचनाओं और मौसम की स्थिति की जानकारी देने का काम फ्लाइंग ट्रेनिंग संस्थानों को देना है। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) का उससे कोई मतलब नहीं है। जबकि एएआई के पास एडवांस तकनीक है और सारी जानकारी उसके पास आती है। बारामती एक महत्वपूर्ण वीआईपी एयरफील्ड सेंटर है लेकिन कभी इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया।
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डीजीसीए के मुताबिक पहली कोशिश में रनवे 11 पर लैंडिंग के दौरान पायलटों ने रनवे न दिखाई देने की रिपोर्ट की और गो-अराउंड (go-around) कर लिया। दूसरी अप्रोच में भी क्रू ने शुरुआत में रनवे न दिखाई देने की बात कही, लेकिन बाद में कहा कि यह दिखाई दे रहा है। सुबह 8:43 बजे लैंडिंग की क्लियरेंस दी गई, लेकिन इसका कोई रीडबैक नहीं मिला। कुछ ही पलों बाद रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के पास आग के गोले दिखे और विमान क्रैश हो गया। मलबा रनवे के बाईं ओर थ्रेशहोल्ड के समानांतर मिला।

DGCA ने स्पष्ट किया, "पायलटों को पहली अप्रोच में रनवे नजर नहीं आया, इसलिए उन्होंने चक्कर लगाया और दूसरी कोशिश की। क्रू द्वारा कोई मे डे कॉल नहीं दी गई।" हादसा सुबह करीब 8:44 बजे हुआ। सभी यात्रियों को गंभीर चोटें आईं और मौत हो गई।

May Day Call- मे डे कॉल पायलट तब देते हैं, जब वे जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली कोई इमरजेंसी देखते हैं, जिसमें कई तरह की आपात स्थिति, इंजन फेल होना, आग लगना या प्लेन की बॉडी को नुकसान पहुंचने की सूचना अंतर्राष्ट्रीय रेडियो फ्रीक्वेंसी पर दी जाती है। यह फ्रांसीसी वाक्यांश "m'aider" (जिसका अर्थ है "मेरी मदद करो") से लिया गया है और तत्काल ध्यान और प्राथमिकता प्राप्त करने के लिए इसे लगातार तीन बार बोला जाता है- "मेडे, मेडे, मेडे"।
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VSR Ventures एक नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर है, जिसके पास 17 विमान हैं, जिनमें सात Learjet 45 शामिल हैं। DGCA की फरवरी 2025 में हुई अंतिम रेगुलेटरी ऑडिट में कोई लेवल-I फाइंडिंग नहीं मिली थी। यह महाराष्ट्र में पिछले ढाई साल में VSR Ventures का दूसरा हादसा है। इससे पहले 14 सितंबर 2023 को मुंबई में एक Learjet 45XR (VT-DBL) का हादसा हुआ था, जिसमें कोई मौत नहीं हुई थी।