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मुंबई पुलिस के सामने 8 जनवरी को पेश हों कंगना: बॉम्बे हाई कोर्ट

मुंबई पुलिस के सामने पेश होने से बचने की लगातार कोशिश कर रहीं सिने अदाकारा कंगना रनौत अब इससे और नहीं बच सकेंगी। क्योंकि बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को उनके ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया है। अदाकारा और उनकी बहन को अब 8 जनवरी को पुलिस के सामने पेश होना होगा। कंगना के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर नफ़रत फैलाने को लेकर एफ़आईआर दर्ज की गई है। 

इससे पहले मुंबई पुलिस ने दोनों को तीन बार तलब किया था लेकिन वे नहीं आईं थीं। मंगलवार को जज ने कंगना और उनकी बहन की इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि वे परिवार की शादी में व्यस्त हैं। जज ने उनके वकील से कहा, ‘कुछ भी हो, आपको समन का सम्मान करना पड़ेगा।’

इससे पहले दोनों बहनों ने कोर्ट में याचिका दायर कर अपील की थी कि पुलिस के सामने पेश होने के लिए जारी किए गए समन पर स्टे लगाया जाए। 

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हाई कोर्ट ने यह भी पूछा कि कंगना रनौत पर राजद्रोह का मुक़दमा क्यों दर्ज किया गया है। जस्टिस शिंदे ने पूछा, ‘क्या आप देश के नागरिकों के साथ इस तरह का बर्ताव कर रहे हैं।’ 

मुंबई की एक अदालत ने पिछले महीने कंगना और उनकी बहन रंगोली चंदेल के ख़िलाफ़ धर्म के आधार पर नफ़रत फैलाने और सांप्रदायिक तनाव का माहौल बनाने के आरोपों को लेकर एफ़आईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। 

कास्टिंग डायरेक्टर साहिल अशरफ़ अली सैयद ने अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि कंगना हिंदू और मुसलिम कलाकारों के बीच दरार डाल रही हैं और अपने लगभग सभी ट्वीट्स में दुर्भावना से धर्म को ज़रूर लाती हैं। 

महाराष्ट्र सरकार के साथ कंगना के विवाद पर देखिए वीडियो- 
याचिका में साहिल अशरफ़ अली सैयद ने मांग की थी कि कंगना और उनकी बहन के ख़िलाफ़ दुश्मनी को बढ़ावा देने और देशद्रोह की धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया जाए। सैयद ने याचिका में कहा था कि कंगना ने बॉलीवुड इंडस्ट्री को भाई-भतीजावाद से भरी, ड्रग्स के आदियों और सांप्रदायिक रूप से पक्षपाती लोगों वाली जगह बताया था। उन्होंने कहा था कि कंगना की बहन ने भी सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणियां की थीं जिससे दो धर्मों के लोगों के बीच सांप्रदायिक तनाव बढ़ता हो। 
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किसानों पर अभद्र टिप्पणी

कंगना रनौत ने कुछ दिन पहले बदजुबानी की सरहदों को लांघते हुए केंद्र सरकार के कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे किसानों को आतंकी बता दिया था। कंगना ने लिखा था- ‘ये वही आतंकी हैं, नागरिकता क़ानून (सीएए) से एक भी इंसान की नागरिकता नहीं गयी मगर इन्होंने ख़ून की नदियां बहा दीं।’ इसे लेकर कंगना के ख़िलाफ़ कर्नाटक में एफ़आईआर भी दर्ज की गई थी। 

गीतकार जावेद अख्तर ने इसी महीने 3 नवंबर को कंगना के ख़िलाफ़ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था। कंगना ने जुलाई महीने में रिपब्लिक टीवी पर एक इंटरव्यू में सुशांत सिंह राजपूत की मौत का ज़िक्र करते हुए कहा था कि जावेद अख्तर 'सुसाइड गैंग' के सदस्य हैं। उन्होंने यह भी कहा था, 'वह मुंबई में कुछ भी करा सकते हैं।'बता दें कि सुशांत राजपूत की मौत के मामले में कंगना अक्सर खुलकर बोलती रही हैं। उन्होंने कई विवादास्पद बयान दिए हैं। 

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