loader

महाराष्ट्र: बीजेपी नेताओं ने शेयर किया पीएम केयर्स फंड का फर्जी लिंक!, होगी जांच

कोरोना से जंग में ज़रूरी हथियार यानी रुपये इकठ्ठा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया पीएम केयर्स फंड एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार विवाद महाराष्ट्र के भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं द्वारा फंड जुटाने के लिए शेयर किये जा रहे लिंक को लेकर हुआ है। दरअसल, जिस लिंक को ये नेता शेयर कर रहे हैं, वह फर्जी है। लिंक शेयर करने वालों में राज्य की पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार में मंत्री रहे नेता भी शामिल हैं। 

ट्विटर पर जब यह लिंक वायरल होने लगा तो प्रदेश के गृह राज्यमंत्री सतेज उर्फ़ बंटी पाटिल ने इसमें दख़ल देते हुए मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। पाटिल ने पूर्व मंत्रियों द्वारा लिंक शेयर करने पर कहा कि इस फ्रॉड लिंक की तो राज्य सरकार जांच करवा रही है लेकिन बीजेपी नेता इस बात का तो ख्याल रखें कि वे कर क्या रहे हैं। 

ताज़ा ख़बरें

दरअसल, पीएम केयर्स फंड की आधिकारिक वेबसाइट - https://pmcares.gov.in है जबकि बीजेपी के नेता फर्जी http://pmcaresfund.online लिंक अपने ट्विटर के आधिकारिक अकाउंट से शेयर कर रहे थे। इनमें से अधिकाँश नेता देवेंद्र फडणवीस सरकार में बड़े विभागों के मंत्री रहे हैं और अपने आपको राजनीति का चाणक्य कहलाना पसंद करते हैं। 

महाराष्ट्र से और ख़बरें

इनमें पहला बड़ा नाम गिरीश महाजन का है, जिनके बारे में यह कहा जाता है कि विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस और एनसीपी के दर्जनों विधायकों व सांसदों को बीजेपी में प्रवेश कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। पूर्व मंत्री सुभाष भामरे, वर्तमान सांसद डॉ. हीना गावित, पूर्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, पूर्व गृहमंत्री रणजीत पाटिल, विधायक गणपत गायकवाड़ सहित ऐसे दर्जनों बीजेपी के नेताओं ने न सिर्फ इस फर्जी लिंक को शेयर किया है बल्कि लोगों को नॉमिनेट भी किया है। 

पूर्व मंत्रियों के अलावा भारतीय जनता पार्टी के संगठन से जुड़े बहुत से पदाधिकारियों ने भी पीएम केयर्स फंड के फर्जी लिंक को बड़े पैमाने पर शेयर किया है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर पीएम केयर्स फंड को लेकर कई फर्जी आईडी का प्रचार किया गया था लेकिन महाराष्ट्र का यह मामला हैरान करने वाला है क्योंकि यहां पार्टी के बड़े नेताओं ने एक फर्जी लिंक को शेयर किया है। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए


गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
संजय राय
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

महाराष्ट्र से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें