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चिकित्सा उपकरण के बाद केंद्र से दाल मिलने में भी महाराष्ट्र की अनदेखी!

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य को दाल मिलने में हो रही देरी को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तंज कसा है। ऑनलाइन संवाद के दौरान ठाकरे ने कहा, ‘केंद्र की ओर से एक टीम मुंबई और पुणे आई थी। कुछ लोगों ने मुझसे कहा कि दाल में कुछ काला है, इस पर मैंने कहा कि हम लोग दाल मांग रहे हैं क्योंकि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत बांटने के लिए हमारे पास केवल चावल है। हमें गेहूं और दाल की ज़रूरत है।’ 

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ठाकरे ने चुटकी लेते हुए कहा कि दाल में काला बाद में, पहले दाल तो आने दो। पिछले महीने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि प्रधानमंत्री ग़रीब खाद्यान्न कल्याण योजना के तहत ग़रीब परिवारों को 1 किग्रा दाल हर महीने मिलेगी। उसके बाद से ही महाराष्ट्र दाल मिलने का इंतजार कर रहा है। 

इससे पहले पीपीई किट, एन95 मास्क को लेकर भी ठाकरे सरकार को कई दिन तक केंद्र सरकार का मुंह देखना पड़ा था। कई बार आग्रह के बावजूद ये सामग्रियां नहीं मिलीं तो राज्य सरकार ने ख़ुद ही इन्हें ख़रीदना शुरू किया।
ठाकरे ने कहा कि वह नितिन गडकरी को उनके इस बयान के लिए धन्यवाद देते हैं, जिसमें उन्होंने नेताओं को चेताया था कि वे कोरोना संकट के दौरान राजनीति न करें। शायद गडकरी का यह बयान अपनी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए था, जो हालिया दिनों में ठाकरे सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। 
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ठाकरे ने कहा कि उनकी सरकार ने इस संकट के दौरान कुछ भी नहीं छुपाया है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन को आगे बढ़ाने के मसले पर राज्य सरकार इस महीने के अंत में फ़ैसला लेगी। वर्तमान लॉकडाउन की मियाद 3 मई को ख़त्म हो रही है। 

महाराष्ट्र कोरोना से सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्यों में है। राज्य में संक्रमण के मामले 8 हज़ार से ज़्यादा हो चुके हैं और 342 लोगों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र में मुंबई सबसे ज़्यादा प्रभावित है और यहां 5 हज़ार से ज़्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं।

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