loader

शिवसेना के बागी विधायक तानाजी सांवत के दफ्तर में तोड़फोड़

शिवसेना से बगावत करने वाले विधायकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। शनिवार को शिवसैनिकों ने पुणे में बागी विधायक तानाजी सावंत के दफ्तर पर हमला कर दिया। तानाजी सावंत इस वक्त अन्य बागी विधायकों के साथ गुवाहाटी के होटल में मौजूद हैं।

शिवसैनिकों ने नारेबाजी करते हुए दफ्तर में जमकर तोड़फोड़ की है। शिवसैनिकों ने हाथ में भगवा झंडा लिया हुआ था और दफ्तर में घुसकर वहां रखी चीजों को तहस-नहस कर दिया। 

शुक्रवार को भी शिवसेना के बागी विधायक मंगेश कुदालकर के दफ्तर पर शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की थी। 

ताज़ा ख़बरें

शिंदे के खिलाफ नारेबाजी 

शुक्रवार को नासिक में शिवसैनिकों ने बागी विधायकों के नेता एकनाथ शिंदे के पोस्टर पर काली स्याही फेंकी थी। कुछ लोगों ने पोस्टर पर चप्पल और जूते भी फेंके थे। शिंदे को गद्दार घोषित करते हुए शिवसैनिकों ने नारेबाजी की थी। कोल्हापुर से भी विरोध प्रदर्शन किया गया था। 

प्रदर्शन के दौरान निकाले गए जुलूस में शिवसैनिक बागी विधायकों को गद्दार कहते हुए नारे लगा रहे थे। उन्होंने बीजेपी के खिलाफ भी जबरदस्त नारेबाजी की थी।  शिवसैनिकों ने आरोप लगाया था कि उद्धव ठाकरे सरकार को संकट में डालने वाली बीजेपी है।

वापस नहीं ली सुरक्षा: गृह मंत्री 

उधर, बागी नेता एकनाथ शिंदे की ओर से बागी विधायकों की सुरक्षा हटाए जाने का आरोप लगाया गया है। इसे लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटील और डीजीपी को चिट्ठी लिखकर कहा गया है कि इससे विधायकों के परिवारों को खतरा है। लेकिन महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटील ने कहा है कि न तो मुख्यमंत्री और न ही गृह विभाग ने राज्य के किसी विधायक की सुरक्षा वापस लेने का आदेश दिया है और इस संबंध में लगाए गए आरोप पूरी तरह से गलत और भ्रामक हैं।

महाराष्ट्र से और खबरें

…तो आग लग जाएगी: संजय राउत 

शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शनिवार को कहा है कि अगर शिवसैनिक भड़क गए तो महाराष्ट्र में आग लग जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों में गुस्सा जरूर है और अब तक गुस्से का विस्फोट नहीं हुआ है लेकिन हो सकता है। शिवसेना सांसद ने कहा कि सभी शिवसैनिकों से कहा गया है कि वे संयम बनाए रखें। 

राउत ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि जब बागी विधायक महाराष्ट्र आएंगे तो शिवसेना के पाले में आ जाएंगे और उद्धव ठाकरे की शिवसेना ही असली शिवसेना है। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

महाराष्ट्र से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें