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शिंदे के बेटे की उद्धव को चिट्ठी, आपके बयान ने मेरी माँ को रुला दिया

शिवसेना की दशहरा रैली में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक दूसरे पर जमकर हमले किए थे। एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे परिवार पर सीधे तौर पर हमला नहीं किया था लेकिन शिंदे और उनके सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे के अलावा बीजेपी के नेताओं पर ठाकरे ने जमकर निशाना साधा था। अब सांसद श्रीकांत शिंदे ने उद्धव ठाकरे के बयान पर एक चिट्ठी लिखी है। श्रीकांत शिंदे ने चिट्ठी में उद्धव ठाकरे से कहा है कि उन्हें उनके बारे में इस तरह के बयान देने से उनका परिवार काफी आहत है। दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे ने श्रीकांत शिंदे को ‘बिगड़ैल बच्चा’ कहा था और कहा था कि एकनाथ शिंदे के पोते की भी नजर अब नगरसेवक के पद पर है। 

पत्र में श्रीकांत शिंदे ने लिखा है कि ‘उद्धव जी मेरे पिता राज्य के मुख्यमंत्री हैं और मैं एक सांसद हूँ। हमारी एक दूसरे के साथ राजनीतिक दुश्मनी हो सकती है लेकिन हम सब मांस, खून और भावनाओं के साथ इंसान हैं’। आपने शिवाजी पार्क के मैदान में रैली को संबोधित करते हुए मेरे बेटे के बारे में जो बयान दिया उससे मेरी मां और मेरी पत्नी को काफी दुख हुआ है। जब मेरी मां और मेरी पत्नी ने आपका बयान मेरे बेटे के बारे में सुना तो उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। मेरे परिवार के लोग भी यही सोच रहे थे कि एक पूर्व मुख्यमंत्री और पिछले कुछ समय तक हमारा सबसे करीब रहने वाला राजनेता एक डेढ़ साल के बच्चे के बारे में इस तरह की बात कैसे कर सकता है।’

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श्रीकांत शिंदे ने पत्र में आगे लिखा कि ‘आपने जो बयान दिया था फिलहाल मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है। लेकिन मैं यह कह सकता हूं कि कोई भी शब्द और संवेदनशील व्यक्ति इस तरह का बयान नहीं दे सकता। मेरे परिवार ने शिवसेना के लिए अपने प्राणों की आहुति भी दी है। जिस पार्टी के लिए हमने अपना भविष्य तक दांव पर लगा दिया था आखिर उस पार्टी का मुखिया इस तरह का बयान कैसे दे सकता है।’

उन्होंने आगे लिखा है कि उद्धव जी भविष्य में आप भी दादा बनेंगे तब अगर कोई आपके परिवार और आपके पोते के बारे में इस तरह का बयान देगा तो आपके ऊपर क्या बीतेगी। श्रीकांत शिंदे ने चिट्ठी में यह भी लिखा है कि बाला साहब ठाकरे के भी राजनीतिक विरोधी महाराष्ट्र में थे लेकिन उन्होंने कभी भी इस स्तर पर जाकर कोई बात नहीं की।

श्रीकांत शिंदे ने चिट्ठी में लिखा है कि एक बच्चा जो अभी तक ठीक से अपना नाम भी नहीं बोल पाता है उसके बारे में राज्य का पूर्व मुख्यमंत्री इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए। 
श्रीकांत शिंदे ने उद्धव को लिखी चिट्ठी में महाभारत का एक श्लोक भी लिखा है और कहा है कि घर पर जाकर आप पहले इस श्लोक को पढ़ना आपको सब समझ आ जाएगा।

पत्र के आखिरी हिस्से में श्रीकांत शिंदे ने लिखा है कि ‘जब मैं यह चिट्ठी आपको लिख रहा हूं तो मेरी आंखों में आंसू हैं। राजनीति होती रहेगी, टीका टिप्पणी होती रहेंगी पर आप इस तरह का पाप कम से कम ना लें कि एक दूधमुहे बच्चे के बारे में इस तरह का ख्याल रखें।

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श्रीकांत शिंदे द्वारा लिखी गई चिट्ठी के बाद अब बीजेपी ने भी उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है। बीजेपी नेता और अंधेरी विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार मुरजी पटेल का कहना है कि उद्धव ठाकरे जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे तो उन्होंने एक शिवसैनिक को मुख्यमंत्री पद देने की बजाय खुद सीएम की कुर्सी हासिल कर ली थी। 

मुरजी पटेल का कहना है कि ‘एक शिवसैनिक राज्य का मुख्यमंत्री बना है, यह उद्धव ठाकरे को पच नहीं रहा है। यहां तक कि जब उद्धव ठाकरे ने राज्य की कमान संभाली थी तो अपने अख़बार के संपादक का पद भी किसी शिवसैनिक को देने की बजाय अपनी पत्नी को दे दिया था। ऐसे में माझा कुटुंब माझी जिम्मेदारी का नारा देने वाले उद्धव ठाकरे डेढ़ साल के एक छोटे से बच्चे के बारे में इस तरह का बयान कैसे दे सकते हैं।

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सोमदत्त शर्मा
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