अजित पवार के प्लेन क्रैश के मामले में रोहित पवार ने अब साज़िश के और गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि यूनियन सिविल एविएशन मिनिस्टर के आर मोहन नायडू और हादसे वाले विमान को चलाने वाली कंपनी के बीच संबंध हैं। इस वजह से इसकी जाँच सही नहीं हो सकती है। उन्होंने विमान के दस्तावेजों में कई गड़बड़ियों के आरोप लगाए हैं। प्लेन में अतिरिक्त फ्यूल टैंक होने के भी आरोप लगाये गये हैं।

अजित पवार के भतीजे और एनसीपी एसपी के विधायक रोहित पवार ने इसके लिए बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने यूनियन सिविल एविएशन मिनिस्टर के आर मोहन नायडू को पद से हटाने की मांग की, जब तक जाँच पूरी नहीं हो जाती। रोहित का कहना है कि मंत्री और उनकी पार्टी के वीएसआर वेंचर्स कंपनी से 'दोस्ताना रिश्ते' हैं, इसलिए निष्पक्ष जाँच नहीं हो सकती। क्रैश हुए प्लेन का संचालन वीएसआर वेंचर्स ही करती थी।
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यह क्रैश Learjet 45XR प्लेन का था, जो मुंबई से बारामती जा रहा था। अजित पवार के साथ पायलट, को-पायलट, क्रू मेंबर और स्टाफ़ कुल 5 लोग थे, सभी की मौत हो गई। प्लेन लैंडिंग के दौरान कंट्रोल खोकर खुले मैदान में गिरा और आग लग गई। जाँच अभी चल रही है, लेकिन रोहित पवार कई सवाल उठा रहे हैं और इसे 'साज़िश' बता रहे हैं।

रोहित पवार के बड़े आरोप

रोहित पवार ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा, 'के आर मोहन नायडू टीडीपी के हैं। कंपनी के मालिक के बेटे की राजस्थान में शादी में टीडीपी के बड़े नेता गए थे। आंध्र प्रदेश के एक मंत्री का प्राइवेट जेट भी इसी कंपनी से चलता है। आंध्र के बिजनेस ग्रुप ने कंपनी में निवेश किया है। मंत्री ने पहले ही कंपनी को क्लीन चिट दे दी। ऐसे में उनके मंत्रालय से निष्पक्ष जाँच कैसे होगी? मंत्री को तुरंत पद से हटाना चाहिए।' उन्होंने आरोप लगाया है कि डीजीसीए और कंपनी में साँठगाँठ है। 

रोहित पवार ने आरोप लगाया है कि डीजीसीए और वीएसआर वेंचर्स मिले हुए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जाँच में देरी हो रही है ताकि कंपनी को बचाया जा सके और बैकडेटेड दस्तावेज बनाए जा रहे हैं।

प्लेन के दस्तावेज़ में गड़बड़ी

रोहित ने आरोप लगाया कि एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट 16 सितंबर 2021 का है, लेकिन रजिस्ट्रेशन 27 दिसंबर 2022 का है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्लेन अमेरिका से खरीदा गया था, लेकिन इंजन की लाइफ खत्म हो चुकी थी। इसके अलावा Supplemental Type Certificate पूरा नहीं किया गया।

प्लेन में एक्स्ट्रा फ्यूल टैंक

रोहित ने आरोप लगाया है कि प्लेन में दो अतिरिक्त फ्यूल टैंक थे, जो गैरकानूनी थे। इससे क्रैश में तेज धमाका हुआ, जैसे बम फटा हो। बारामती जाने के लिए इतना फ्यूल क्यों? हैदराबाद में रिफिल हो सकता था। यह छोटी-छोटी बातें सवाल उठाती हैं कि क्या यह एक्सीडेंट था या साजिश?
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जाँच में देरी पर सवाल

उन्होंने कहा है कि 2 फरवरी को वीएसआर की स्पेशल ऑडिट के लिए 6 सदस्यीय कमिटी बनी, रिपोर्ट 15 फरवरी तक आनी थी, लेकिन अभी नहीं आई। कमिटी में दो सदस्य कैप्टन अपूर्व अग्रवाल और कैप्टन लोकेश रमपाल Learjet 45 के टाइप रेटेड नहीं हैं।

कई और सवाल

कंपनी मालिक वी.के. सिंह के बेटे रोहित सिंह क्रैश के बाद अमेरिका चले गए। रोहित ने सवाल उठाया कि उन्हें क्यों जाने दिया गया? उन्हें पूछताछ के लिए रोकना चाहिए था। ब्लैक बॉक्स आग में डैमेज हुआ, लेकिन सिर्फ 30 मिनट का रिकॉर्डिंग है (2 घंटे जरूरी)। प्लेन की मेंटेनेंस खराब थी। इंजन पुराने थे। कंपनी कहती है कि 4915 घंटे, लेकिन रोहित का दावा है कि 8000 घंटे। हनीवेल कंपनी डेटा नहीं दे रही। विजिबिलिटी कम होने पर उड़ान क्यों ली? वापस मुंबई क्यों नहीं लौटा?

उच्च स्तरीय जाँच कमेटी की मांग

रोहित ने मांग की कि हाई लेवल मॉनिटरिंग कमिटी बने, जिसमें पूर्व जज, पूर्व अधिकारी, लोकसभा में लीडर ऑफ ऑपोजिशन राहुल गांधी, पवार परिवार के सदस्य, सांसद और जज शामिल हों। जाँच डिजिटल रिकॉर्ड्स पर हो, सिर्फ कागजों पर नहीं। वीएसआर की सभी प्लेन ग्राउंड किए जाएँ। केस को गैर-इरादतन हत्या माना जाए, न कि सिर्फ एक्सीडेंट।
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एनसीपी की सीबीआई जांच की मांग

अजित गुट की एनसीपी ने भी मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर सीबीआई जाँच की मांग की। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने लेटर दिया। फडणवीस ने कहा है कि अमित शाह से मिलने दिल्ली जाने पर सीबीआई जांच की बात रखेंगे। एनसीपी का कहना है कि यह 'साधारण एक्सीडेंट' नहीं, एविएशन सेफ्टी, रेगुलेटरी ओवरसाइट और संस्थाओं की जवाबदेही का मामला है। फ्लाइट क्रू चेंज, एटीसी कम्युनिकेशन में गड़बड़ी, सेफ्टी सिस्टम की जांच जरूरी है।

रोहित पवार ने कहा है कि उनके सवाल उठाने पर बीजेपी सपोर्टर्स ऑनलाइन टारगेट कर रहे हैं। उनका कहना है कि एक बीजेपी ट्रोलर सुमित ठक्कर ने क्रैश से 2 दिन पहले ट्वीट किया था कि 2 दिन में महाराष्ट्र की राजनीति बदल देने वाला हादसा होगा, फिर डिलीट कर दिया। रोहित ने कहा कि ठक्कर को बख्शा नहीं जाएगा।

यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा तूफान ला रहा है। एक तरफ परिवार साजिश का शक कर रहा है, दूसरी तरफ जाँच एजेंसियाँ काम कर रही हैं।