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शिवाजी महाराज एयरपोर्ट का नाम बदलने पर शिव सेना का हंगामा, बोर्ड उखाड़ा

शिव सेना के कार्यकर्ताओं ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम बदले जाने का विरोध किया है। सोमवार को शिव सेना कार्यकर्ताओं ने यहां लगाए गए अडानी एयरपोर्ट के बोर्ड को उखाड़ दिया और इसकी जगह भगवा ध्वज लगा दिया। इस एयरपोर्ट का नाम बदलकर अडानी एयरपोर्ट कर दिया गया है। 

महाराष्ट्र में चल रही महा विकास आघाडी सरकार का नेतृत्व कर रही शिव सेना लगातार छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम बदले जाने का विरोध कर रही है। 

जुलाई में मुंबई अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट का काम जीवीके समूह से अडानी समूह के पास आ गया था। इस एयरपोर्ट के 74 फ़ीसदी शेयर अडानी समूह के पास हैं। हवाई अड्डों के लिए लगी बोली की प्रक्रिया में वित्त मंत्रालय और नीति आयोग की आपत्तियों के बावजूद अडानी समूह को छह हवाई अड्डे दे दिए गए थे। 

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सबसे ज़्यादा बढ़ी संपत्ति 

बता दें कि इस साल अडानी समूह के मालिक गौतम अडानी की संपत्ति में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी हुई है और उन्होंने एमेज़ॉन के ज़ेफ़ बेजोज़ और टेस्ला के एलन मस्क को भी पीछे छोड़ दिया है। अडानी समूह की जायदाद इस साल 16.2 अरब डॉलर बढ़ कर 50 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। अडानी समूह की सभी कंपनियों के शेयरों की कीमतें 50 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं।

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मार्च में आए ब्लूमबर्ग बिलियनियर्स इंडेक्स में यह जानकारी दी गई थी। इसके अनुसार, एशिया के सबसे धनी व्यक्ति मुकेश अंबानी की संपत्ति में जितनी बढ़ोतरी हुई है, उससे अधिक बढ़ोतरी गौतम अडानी की जायदाद में हुई है। इस साल मुकेश अंबानी की संपत्ति में 8.1 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई है।

अडानी समूह ने भारत में बंदरगाह, हवाई अड्डों, डेटा सेंटर और कोयला खदानों में निवेश किया है। समूह को टोटल एसए और वॉनबर्ग पिनसस जैसी कंपनियों से निवेश मिला है।

ब्लूमबर्ग बिलियनियर्स इंडेक्स के अनुसार, अडानी समूह की कंपनियों में अडानी ग्रीन एनर्जी की संपत्ति 18 अरब डॉलर, अडानी पोर्ट्स की 9 अरब डॉलर, अडानी टोटल गैस की 8 अरब डॉलर, अडानी इंटरप्राइजेज की परिसंपत्ति बढ़ कर 8 अरब डॉलर हो गई। इसके अलावा अडानी ट्रांसमिशन की जायदाद 6 अरब डॉलर तो अडानी पावर की जायदाद 2 अरब डॉलर हो गई है।

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