अजित पवार के प्लेन क्रैश में बड़ी साज़िश का आरोप लगा रहे रोहित पवार की जान को क्या ख़तरा है? यदि ऐसा है तो उन्हें यह किससे ख़तरा है? ये सवाल इसलिए कि एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने गुरुवार को मांग की कि महाराष्ट्र सरकार उनकी पार्टी के विधायक रोहित पवार को सुरक्षा दे। सुले का कहना है कि रोहित जनता की भावनाओं को आवाज दे रहे हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा ज़रूरी है। रोहित पवार सुप्रिया सुले और दिवंगत अजित पवार के भतीजे हैं और दो बार के विधायक हैं।

सुप्रिया सुले ने एक्स पर पोस्ट लिखा कि 28 जनवरी को पुणे के बारामती में हुआ प्लेन क्रैश पूरे महाराष्ट्र को झकझोर गया है। लोग अभी भी दुख में हैं और सोशल मीडिया पर कई शंकाएं और संदेह जताए जा रहे हैं। सुले ने कहा, 'रोहित पवार अच्छी रिसर्च के साथ तथ्य, मुद्दे और सवाल उठा रहे हैं, जो जनता के मन में हैं। अधिकारियों को इनका साफ़ जवाब देना चाहिए। अगर जवाब में देरी हुई तो बेचैनी बढ़ेगी। इसलिए इस घटना की सच्चाई पूरी पारदर्शिता के साथ जनता के सामने आनी चाहिए।'
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सुले ने जोर दिया कि सिस्टम पर सवाल उठाना हर भारतीय नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। रोहित पवार लोगों के संदेहों को अधिकारियों के सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा, 'उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मिलनी चाहिए और उनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार को लेनी चाहिए।'

रोहित पवार के गंभीर आरोप

रोहित पवार ने हाल ही में दो प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं और प्लेन क्रैश में साजिश का शक जताया। उन्होंने जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तक तक केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू से इस्तीफे की मांग की है। रोहित का आरोप है कि मंत्री और क्रैश हुए प्लेन को चलाने वाली कंपनी वीएसआर वेंचर्स के बीच 'दोस्ताना रिश्ते' हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती।

रोहित ने एक दिन पहले ही यानी बुधवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'के. राममोहन नायडू टीडीपी के हैं। कंपनी मालिक के बेटे की राजस्थान में शादी में टीडीपी के बड़े नेता गए थे। आंध्र प्रदेश के एक मंत्री का प्राइवेट जेट भी इसी कंपनी से चलता है। आंध्र के बिजनेस ग्रुप ने कंपनी में निवेश किया है। मंत्री ने कंपनी को पहले ही क्लीन चिट दे दी। ऐसे में जांच कैसे निष्पक्ष होगी? मंत्री को तुरंत पद से हटना चाहिए।'

रोहित ने डीजीसीए यानी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और वीएसआर वेंचर्स के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जाँच में देरी हो रही है ताकि कंपनी को बचाया जा सके और बैकडेटेड दस्तावेज बनाए जा सकें।
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प्लेन के दस्तावेजों में गड़बड़ी के आरोप

रोहित पवार ने प्लेन के दस्तावेजों में कई गड़बड़ियां बताईं। उन्होंने कहा कि एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट 16 सितंबर 2021 का है, लेकिन रजिस्ट्रेशन 27 दिसंबर 2022 का है। प्लेन अमेरिका से खरीदा गया था, लेकिन इंजन की लाइफ खत्म हो चुकी थी। सप्लीमेंटल टाइप सर्टिफिकेट भी पूरा नहीं किया गया।

अतिरिक्त फ्यूल टैंक का मुद्दा

रोहित ने आरोप लगाया कि प्लेन में दो अतिरिक्त फ्यूल टैंक थे, जो गैरकानूनी थे। इससे क्रैश में तेज धमाका हुआ, जैसे बम फटा हो। उन्होंने कहा, "बारामती जाने के लिए इतना फ्यूल क्यों? हैदराबाद में रिफिल हो सकता था। ये छोटी-छोटी बातें सवाल उठाती हैं कि क्या यह हादसा था या साजिश?"

रोहित ने बताया कि 2 फरवरी को वीएसआर की स्पेशल ऑडिट के लिए 6 सदस्यीय कमिटी बनी थी। रिपोर्ट 15 फरवरी तक आनी थी, लेकिन अभी नहीं आई। आरोप है कि कमिटी में दो सदस्य कैप्टन अपूर्व अग्रवाल और कैप्टन लोकेश रमपाल Learjet 45 के टाइप रेटेड नहीं हैं।

कई और संदेह

रोहित ने सवाल उठाया कि कंपनी मालिक वी.के. सिंह के बेटे रोहित सिंह क्रैश के बाद अमेरिका चले गए। उन्होंने कहा, 'उन्हें पूछताछ के लिए क्यों नहीं रोका गया?' ब्लैक बॉक्स आग में डैमेज हुआ, लेकिन सिर्फ 30 मिनट का रिकॉर्डिंग है, जबकि 2 घंटे जरूरी है। प्लेन की मेंटेनेंस खराब थी, इंजन पुराने थे। कंपनी कहती है कि 4915 घंटे उड़ान भरी, लेकिन रोहित का दावा है कि 8000 घंटे। हनीवेल कंपनी डेटा नहीं दे रही। विजिबिलिटी कम होने पर उड़ान क्यों ली? वापस मुंबई क्यों नहीं लौटा?

उच्च स्तरीय जांच की मांग

रोहित पवार ने मांग की कि हाई लेवल मॉनिटरिंग कमिटी बने, जिसमें पूर्व जज, पूर्व अधिकारी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पवार परिवार के सदस्य, सांसद और जज शामिल हों। जांच डिजिटल रिकॉर्ड्स पर हो, सिर्फ कागजों पर नहीं। वीएसआर की सभी प्लेन ग्राउंड की जाएं। केस को गैर-इरादतन हत्या माना जाए, न कि सिर्फ हादसा।
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एनसीपी की सीबीआई जांच की मांग

अजित गुट की एनसीपी ने भी मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर सीबीआई जांच की मांग की। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने पत्र दिया। फडणवीस ने कहा कि वे दिल्ली जाकर गृह मंत्री अमित शाह से सीबीआई जांच की बात रखेंगे। एनसीपी का कहना है कि यह साधारण हादसा नहीं, बल्कि एविएशन सेफ्टी, रेगुलेटरी ओवरसाइट और संस्थाओं की जवाबदेही का मामला है। फ्लाइट क्रू चेंज, एटीसी कम्युनिकेशन में गड़बड़ी और सेफ्टी सिस्टम की जांच जरूरी है।

ऑनलाइन ट्रोलिंग का आरोप

रोहित पवार ने कहा कि उनके सवाल उठाने पर बीजेपी समर्थक ऑनलाइन टारगेट कर रहे हैं। एक बीजेपी ट्रोलर सुमित ठक्कर ने क्रैश से 2 दिन पहले ट्वीट किया था कि 2 दिन में महाराष्ट्र की राजनीति बदल देने वाला हादसा होगा, फिर डिलीट कर दिया। रोहित ने कहा कि ठक्कर को बख्शा नहीं जाएगा।