हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम ने संसद में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। राज्यसभा में खड़गे ने कहा कि उन्हें अछूत की तरह मानकर शुद्धिकरण किया गया और उनका अपमान हुआ। क्या लोकतंत्र में विपक्ष के नेता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है?
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- Satya Hindi News बुलेटिन ।13 अगस्त, दोपहर 2 बजे तक की ख़बरें
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