सुप्रीम कोर्ट के इस बड़े फैसले से BCI और मनन कुमार मिश्रा की भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कोर्ट ने उन्हें स्थायी निर्वाचित अध्यक्ष नहीं माना और उनकी शक्तियां सीमित कर दीं। बड़े नीतिगत फैसलों में अब अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल की भूमिका भी अहम होगी। आखिर सुप्रीम कोर्ट ने BCI की सत्ता पर इतनी बड़ी रोक क्यों लगाई?
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- Satya Hindi News बुलेटिन ।2 सितंबर, रात 8 बजे तक की ख़बरें
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