वैक्सीन का उत्पादन तभी बढ़ सकता है जब कच्चे माल की आपूर्ति भी तेज़ी से बढ़े। इसके लिए जब दुनिया भर के बाज़ारों में राजनयिक स्तर पर कोशिश हो रही है तो यह भी सुनने को मिल रहा है कि भारत कच्चे माल का आयात तो करना चाहता है लेकिन वैक्सीन का निर्यात नहीं करना चाहता।
जब देश में कोरोना संकट की समस्या इतनी गंभीर हो तो निर्यात का जोखिम कोई भी सरकार नहीं ले सकती। अभी तक जो निर्यात किया गया था उसी को लेकर सवाल उठने लग गए थे। दिल्ली में लगे उस पोस्टर को हमें इसी संदर्भ में देखना होगा।