छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और नीट पेपर लीक को लेकर राहुल गांधी के पीएम आवास के पास धरने पर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने हमला किया है। आप ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के पास दिए गए धरने पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इससे जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश हुई।

आप नेता संजय सिंह ने आरोप लगाया, 'सीजेपी के धरने को कमजोर करने के लिए मोदी जी ने राहुल गांधी को अपने आवास पर धरने पर बिठा दिया।' उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक महीने से छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उनसे बातचीत नहीं की।

आतिशी ने उठाए सवाल

राहुल गांधी के धरने के तुरंत बाद सरकार ने बातचीत शुरू की तो आप का कहना है कि इससे छात्रों के असली आंदोलन का फोकस कमजोर हुआ। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता आतिशी ने भी सोशल मीडिया पर कांग्रेस और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, 'कमाल है! सीजेपी और सोनम वांगचुक एक महीने से जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे हैं। मोदी सरकार उनसे बात तक नहीं करती। लेकिन राहुल गांधी को प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने की अनुमति मिलती है और एक घंटे के भीतर सरकार बातचीत शुरू कर देती है। वाह! क्या जुगलबंदी है।'

केजरीवाल पहुंचे जंतर-मंतर

इसी बीच आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलनकारियों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। केजरीवाल ने कहा कि छात्रों और युवाओं पर जिस तरह पुलिस ने बल प्रयोग किया, वह लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है।

इससे पहले दिन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'मोदी जी, यह देश आपके पिताजी का नहीं है, 140 करोड़ लोगों का है। धमकी देना बंद कीजिए। अगर जनता नाराज हो गई तो इतिहास याद रखेगा कि एक तानाशाह का क्या हश्र हुआ था।' केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

'जनरल डायर से भी आगे निकल गई सरकार'

आप प्रमुख ने पुलिस कार्रवाई की तुलना जलियांवाला बाग कांड से करते हुए कहा कि जिस तरह छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने कहा, 'कुछ लोग कह रहे हैं कि शायद जनरल डायर का पुनर्जन्म मोदी जी के रूप में हुआ है। जिस तरह बच्चों पर हमला हुआ, उसने अंग्रेजों की याद दिला दी।' उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं जिनमें शांतिपूर्ण तरीके से बैठे छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग करती दिखाई दे रही है।

पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि कई छात्रों के खिलाफ झूठे मुक़दमे दर्ज किए गए हैं और कई अभिभावकों को यह तक नहीं बताया जा रहा कि उनके बच्चों को कहां रखा गया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने छात्रों की कानूनी मदद के लिए एक विशेष टीम बनाई है। आप ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है ताकि जिन परिवारों का अपने बच्चों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, उन्हें कानूनी और अन्य सहायता मिल सके।

अपने आंदोलन में शामिल न होने के सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि वह पहले से तय कार्यक्रम के कारण पंजाब में थे, लेकिन उनका परिवार आंदोलन में मौजूद था। उन्होंने कहा, 'मेरा बेटा और बेटी चार-पांच घंटे तक प्रदर्शन में रहे। उन्होंने भी आंसू गैस का सामना किया। पूरी आप और हमारा परिवार छात्रों के साथ खड़ा है।'

कांग्रेस ने भी सरकार को घेरा

इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकालकर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और नीट पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा था। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा से बच रही है।

अब आप के ताजा आरोपों के बाद विपक्ष के भीतर भी इस आंदोलन की रणनीति और नेतृत्व को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। वहीं केंद्र सरकार की ओर से आप के इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।