आम आदमी पार्टी ने एंटी-करप्शन ब्रांच द्वारा सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को पंजाब चुनावों से ठीक पहले पार्टी को कमजोर करने की बीजेपी की साजिश करार दिया है। इधर, केजरीवाल ने कहा है 'अमित शाह जी बतायें कि उन्होंने जाँच एजेंसी पर दबाव डालकर सत्येन्द्र जैन को क्यों गिरफ़्तार करवाया'।
अरविंद केजरीवाल और अमित शाह
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली जल बोर्ड के कथित स्कैम में आप नेता सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को बीजेपी की साज़िश बताया है। इसने आरोप लगाया कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को कमजोर करने के लिए यह कार्रवाई की गई है। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाया कि उन्होंने जांच एजेंसी पर दबाव डालकर सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी कराई।
केजरीवाल ने यह आरोप तब लगाया है जब दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच यानी एसीबी ने मंगलवार को दिल्ली जल बोर्ड के कथित टेंडर घोटाले में छह लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव और तीन निजी कंपनियों से जुड़े कारोबारी शामिल हैं। एसीबी का आरोप है कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के अपग्रेडेशन से जुड़े टेंडरों में गड़बड़ियाँ और पक्षपात किया गया था।
पंजाब चुनाव से पहले AAP निशाने पर?
गिरफ्तारी के बाद सत्येंद्र जैन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह कार्रवाई पंजाब चुनाव को ध्यान में रखकर की गई है। उन्होंने कहा, 'यह सब पंजाब चुनाव की वजह से किया गया है।' आप का कहना है कि सत्येंद्र जैन पंजाब में पार्टी के सह-प्रभारी हैं और चुनाव से पहले उन्हें गिरफ्तार कर संगठन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
केजरीवाल का अमित शाह पर सीधा आरोप
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट कर बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया, "एक ACB अधिकारी ने बताया कि सुबह तक सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने की कोई योजना नहीं थी। फिर दोपहर में अमित शाह जी का सीधा फोन आया कि 'गिरफ्तार करो', जिसके बाद गिरफ्तारी हुई।" केजरीवाल ने यह भी कहा, अमित शाह जी बताएँ कि उन्होंने जाँच एजेंसी पर दबाव डालकर सत्येंद्र जैन को क्यों गिरफ्तार करवाया? अरविंद केजरीवाल,
आप प्रमुख
केजरीवाल ने कहा कि सत्येंद्र जैन को पहले भी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के मामले में जेल भेजा गया था और वह मामला भी झूठा साबित होगा। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा मामला भी राजनीतिक उद्देश्य से बनाया गया है। हालाँकि, केजरीवाल के इन आरोपों पर बीजेपी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
चुनाव से पहले गिरफ्तारी बीजेपी की नीति: संजय सिंह
आप सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले पार्टी के नेताओं को गिरफ्तार करना बीजेपी की रणनीति बन गई है। उन्होंने कहा, 'दिल्ली चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और मुझे गिरफ्तार किया गया था। अब पंजाब चुनाव से पहले फिर वही तरीका अपनाया जा रहा है।'पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जहां-जहां चुनाव होते हैं, वहां आप नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो जाती है।
भगवंत मान ने कहा, 'बीजेपी का यही तरीका है। चुनाव आते ही आप नेताओं को जेल भेज दिया जाता है। अदालत तय करेगी कि कौन दोषी है। हमें भरोसा है कि सत्येंद्र जैन को भी न्याय मिलेगा।'
क्यों अहम हैं सत्येंद्र जैन?
सत्येंद्र जैन आम आदमी पार्टी के शुरुआती और प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं। वह दिल्ली की तीनों आप सरकारों में मंत्री रह चुके हैं। दिल्ली के अलावा उन्हें कई राज्यों में पार्टी संगठन की जिम्मेदारी भी दी गई थी।
मार्च 2025 में उन्हें पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का सह-प्रभारी बनाया गया था। ऐसे में पार्टी का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी सीधे चुनावी तैयारियों को प्रभावित करने की कोशिश है।
यह मामला दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों के अपग्रेडेशन से जुड़े टेंडरों में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। एसीबी के अनुसार, टेंडर की शर्तों में कथित रूप से बदलाव कर एक विशेष कंपनी को फायदा पहुँचाया गया। टेंडर प्रक्रिया में मिलीभगत और आपराधिक साजिश के आरोप हैं। जाँच में वित्तीय लेन-देन और कथित रिश्वत के आरोपों की भी जांच की जा रही है। इसी मामले में एसीबी ने सत्येंद्र जैन सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है।सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद यह मामला केवल कानूनी जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक विवाद भी गहरा गया है। एक ओर आप इसे पंजाब चुनाव से पहले विपक्ष को कमजोर करने की साजिश बता रही है, वहीं जांच एजेंसियों का कहना है कि गिरफ्तारी उपलब्ध सबूतों और जांच के आधार पर की गई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अदालत में आगे की सुनवाई के दौरान इस पूरे प्रकरण पर कानूनी स्थिति और साफ़ होगी।