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कांग्रेस में घमासान: पत्र लिखने वाले नेता निशाने पर, पार्टी को कमजोर करने का आरोप

कांग्रेस में नया अध्यक्ष चुनने को लेकर मची रार के बीच तमाम नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। दूसरी ओर, सोनिया गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने की ख़बरों के बाद ऐसे नेता निशाने पर हैं जिन्होंने आलाकमान को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी की बड़ी चर्चा है और इसने कांग्रेस में आलाकमान के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद होने का भी संकेत दिया है। 

लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि जो लोग गांधी परिवार पर सवाल उठा रहे हैं वे कांग्रेस को कमजोर करना चाहते हैं। अधीर ऐसे लोगों पर जमकर बरसे और उन्होंने कहा है कि यह सोच-समझकर की गई कोशिश है। अधीर ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस गांधी परिवार के हाथों में सुरक्षित है। 

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अधीर ने कहा कि पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं को सोनिया और राहुल गांधी पर पक्का भरोसा है और इनके सिवा कोई दूसरा व्यक्ति इस पद को नहीं संभाल सकता है।  

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कहा है कि 23 वरिष्ठ नेताओं द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखे जाने की बात पर भरोसा नहीं होता। गहलोत ने कहा कि अगर यह बात सही है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे मीडिया में लेकर जाने की कोई ज़रूरत नहीं थी। गहलोत ने कहा कि ऐसे मुश्किल वक्त में सोनिया गांधी को पार्टी की कमान अपने पास ही रखनी चाहिए। लेकिन अगर उन्होंने इस्तीफ़ा देने का मन बना लिया है तो राहुल गांधी को यह जिम्मेदारी लेनी चाहिए। 

कुछ दिनों पहले राजस्थान में हुए सियासी घमासान के सूत्रधार रहे पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा है कि हमारा भविष्य तभी सुरक्षित हो सकता है जब हम एक हों। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अधिकांश कार्यकर्ता चाहते हैं कि राहुल गांधी पार्टी का नेतृत्व करें। 

इसी तरह पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी पूरी तरह गांधी परिवार का समर्थन किया। अमरिंदर सिंह ने कहा कि गांधी परिवार को लेकर सवाल उठाने वाले ऐसे मुश्किल वक्त में पार्टी का नुक़सान कर रहे हैं। 

उधर, युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के नेता राहुल गांधी को फिर से अध्यक्ष बनाए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं। इन नेताओं ने ट्विटर पर हैशटैग #MyLeaderRahulGandhi के तहत ट्वीट्स किए हैं और राहुल गांधी को पार्टी का नया अध्यक्ष बनाने के लिए प्रस्ताव भी पारित किया है।

महाराष्ट्र पीसीसी में फूट 

कांग्रेस में राष्ट्रीय स्तर पर मचे घमासान के बीच महाराष्ट्र से एक बड़ी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री सुनील केदार ने पार्टी के ही वरिष्ठ नेताओं- पृथ्वी राज चव्हाण, मुकुल वासनिक और मिलिंद देवड़ा को ट्विटर के माध्यम से खुली चुनौती दी है। इन तीनों नेताओं का नाम उस पत्र में शामिल है जो कांग्रेस में अध्यक्ष के मुद्दे पर सोनिया गांधी को लिखा गया है। 

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केदार ने कहा है कि अगर इन तीनों नेताओं ने अपने कृत्य के लिए माफी नहीं मांगी तो कांग्रेस कार्यकर्ता इन्हें बता देंगे कि कैसे ये तीनों नेता महाराष्ट्र में घूमते हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं का कृत्य राहुल गांधी की लड़ाई की धार को कमजोर करने जैसा है, इसलिए इन्हें तत्काल माफी मांगनी चाहिए। 

कुल मिलाकर कांग्रेस नेताओं ने पार्टी में ऐसे नेताओं को निशाने पर ले लिया है जिन्होंने यह पत्र लिखा और गांधी परिवार को लेकर यह सवाल उठाए कि पार्टी को एक पूर्णकालिक, ‘प्रभावी’ और ‘सक्रिय’ नेतृत्व चाहिए। 

देखना होगा कि पार्टी में नेतृत्व संकट का यह मसला कब तक सुलझ पाता है लेकिन नेताओं के ऐसे पत्रों से पार्टी की छीछालेदार हो रही है। पार्टी के नेताओं में गांधी परिवार को लेकर असंतोष का भाव रखने वालों के ख़िलाफ़ नाराज़गी दिख रही है और इससे पार्टी की लड़ाई सड़क पर आने के कारण संगठन को नुक़सान हो रहा है। 

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