क्या जाट वोट बांटने के लिए आया है बयानः अमित शाह के बाद अचानक ही दुष्यंत चौटाला का बयान एक रणनीति की तरफ इशारा कर रहा है। महिला पहलवानों के मुद्दे पर हरियाणा के जाट भाजपा से बेहद निराश हैं। ऐसे में वो जाट नेतृत्व वाले दल को ही 2024 में वोट डालेंगे। हरियाणा में विधानसभा चुनाव लोकसभा के साथ ही या आसपास हो सकते हैं। दुष्यंत चौटाला के फैसले से यह होगा कि जाट मतदाताओं के पास भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस और अजय चौटाला-दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व वाली जेजेपी होगी। जाट वोट बंट सकते हैं। इससे भाजपा को सीधे फायदा होगा। हालांकि भाजपा यह रणनीति फेल भी हो सकती है। ऐसा नहीं है कि हरियाणा के जाटों को यह आसान सा गणित समझ नहीं आएगा। कुल मिलाकर जाट वोटों के मामले में हरियाणा की कांग्रेस फायदे में है।
बढ़ते जुबानी टकराव के बावजूद, चौटाला ने जोर देकर कहा कि गठबंधन सरकार मजबूती से चल रही है और आगे भी चलती रहेगी। उन्होंने इस लचीलेपन का श्रेय जेजेपी के वोट बैंक की लगातार वृद्धि को दिया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थापना के बाद से इसमें वृद्धि हो रही है।