इंडिया गठबंधन की मुंबई बैठक का फाइल फोटो।
ममता बनर्जी ने आप प्रमुख अरविन्द केजरीवाल से बैठक की पूर्व संध्या पर मुलाकात की। यह बैठक 45 मिनट तक चली। दोनों ने इंडिया गठबंधन को लेकर क्या खिचड़ी पकाई, इस बारे में कोई जानकारी बयानों के जरिए बाहर नहीं आई है। न ही केजरीवाल ने बयान दिया और न ही ममता ने। केजरीवाल के मंगलवार की बैठक में आने पर संशय बना हुआ है। ममता ने केजरीवाल से मिलने के बाद शिवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे और संजय राउत से भी मुलाकात की। हालांकि डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन भी सोमवार रात दिल्ली पहुंच गए थे लेकिन उनकी किसी भी विपक्षी नेता से मुलाकात नहीं हुई।
कांग्रेस की रणनीति बहुत साफ है। वो एक बड़े दल का रुतबा बनाए रखना चाहती है। हालांकि हाल ही में तीन हिन्दी राज्यों (एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान) में वो बुरी तरह चुनाव हार गई लेकिन राष्ट्रीय पार्टी की वजह से वो सभी दलों के मुकाबले भारी मानती है। यूपी को लेकर कांग्रेस भी गंभीर है। बैठक की पूर्व संध्या पर सोमवार को यूपी कांग्रेस के कुछ चुनिंदा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल के साथ एक महत्वूर्ण बैठक की। यूपी कांग्रेस के नेताओं ने शीर्ष नेतृत्व को सलाह दी है कि यूपी में सपा के साथ-साथ बसपा को भी गठबंधन में लाना जरूरी है। अन्यथा दिक्कत आएगी। हालांकि बसपा प्रमुख मायावती स्पष्ट कर चुकी हैं कि वो इंडिया गठबंधन में शामिल नहीं होंगी। लेकिन राज्य विशेष में तालमेल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।