विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन सोमवार (8 जून, 2026) को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है। कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने रविवार को घोषणा की कि इस बैठक में कुल 23 राजनीतिक दल शामिल होंगे। विपक्षी एकता को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति तय करने के लिहाज से इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।

जयराम रमेश ने क्या कहा?

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार दोपहर 12 बजे होने वाली इस बैठक में वे सभी दल एक साथ आ रहे हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के विरोध में एकजुट हैं।
उन्होंने कहा, "भारत की ही तरह, इंडिया जनबंधन भी अपनी विविधताओं के बावजूद एकजुट खड़ा है।" जयराम रमेश के मुताबिक, कुछ दल अपने निजी कारणों से इस बैठक में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कथित हमलों, करोड़ों भारतीयों से मतदान का अधिकार छीनने वाली कार्रवाइयों, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और विदेश नीति पर सरकार के रुख जैसे गंभीर मुद्दों पर वे सभी दल भी एक जैसी चिंताएं साझा करते हैं।
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बैठक में विजय की पार्टी टीवीके को क्यों नहीं बुलाया गया

इस बैठक में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली तमिलागा वेट्ट्री कझगम (TVK) की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई है। कांग्रेस जो INDIA ब्लॉक की प्रमुख पार्टी है और तमिलनाडु में TVK के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा भी है, के बावजूद TVK को आमंत्रित नहीं किया गया। 

बैठक संसदीय प्रतिनिधित्व वाली पार्टियों के लिए

TVK को न आमंत्रित करने का सबसे बड़ा कारण यह है कि पार्टी के पास लोकसभा या राज्यसभा में कोई सांसद नहीं है। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में TVK ने सरकार बनाई, लेकिन उसने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा, इसलिए वह संसदीय स्तर पर विपक्षी समन्वय का हिस्सा नहीं है। बैठक का मुख्य फोकस संसद की रणनीति, BJP-NDA सरकार की नीतियों और भविष्य की दिशा पर है, जिसमें संसदीय उपस्थिति वाली पार्टियां ही शामिल हैं। TVK अभी औपचारिक रूप से INDIA ब्लॉक की सदस्य भी नहीं है, यद्यपि कांग्रेस उसके साथ तमिलनाडु में गठबंधन में है।

तमिलनाडु में DMK-कांग्रेस तनाव का असर

 TVK की अनुपस्थिति तमिलनाडु की राजनीति में हुए बड़े बदलाव से भी जुड़ी है। कांग्रेस ने DMK से नाता तोड़कर विजय की सरकार को समर्थन दिया, जिससे DMK ने कांग्रेस पर गद्दारी का आरोप लगाया और खुद INDIA ब्लॉक से दूरी बना ली तथा इस बैठक में शामिल नहीं हो रहा। TVK को बुलाने से गठबंधन के अंदरूनी मतभेद और बढ़ सकते थे। हालांकि TVK की यह अनुपस्थिति शत्रुता नहीं दर्शाती, बल्कि यह पार्टी की स्वतंत्र छवि और अनोखी स्थिति को दिखाता है, जहां वह कांग्रेस के साथ राज्य सरकार चला रही है लेकिन राष्ट्रीय गठबंधन से अलग है।

ममता बनर्जी भी होंगी शामिल, दिल्ली के लिए रवाना

इस बैठक में शामिल होने के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रविवार को ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की करारी हार के बाद विपक्षी गठबंधन की यह पहली बैठक है, इसलिए ममता बनर्जी की मौजूदगी को राजनीतिक गलियारों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह बैठक भाजपा के बढ़ते राजनीतिक वर्चस्व के खिलाफ आपसी तालमेल को मजबूत करने और घटक दलों के आंतरिक मतभेदों को सुलझाने के उद्देश्य से बुलाई गई है।

DMK ने क्यों बनाई बैठक से दूरी?

गठबंधन के एक प्रमुख सहयोगी दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने इस बैठक में शामिल न होने का फैसला किया है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस द्वारा थलपति विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्ट्री कड़गम' (TVK) को समर्थन देने के फैसले से डीएमके नाराज बताई जा रही है। कांग्रेस के इस कदम को लेकर दोनों दलों के बीच आए मतभेदों के कारण ही डीएमके ने इस बैठक से दूरी बनाई है।

माकपा (CPI-M) दर्ज कराएगी उपस्थिति

दूसरी ओर, केरल विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार के तौर-तरीकों और बयानों को लेकर कांग्रेस से नाराजगी जताने के बावजूद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) इस बैठक में हिस्सा लेगी। बैठक में पार्टी का प्रतिनिधित्व माकपा सांसद जॉन ब्रिटास करेंगे।
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इंडिया गठबंधन बैठक के मुख्य एजेंडे

सोमवार को होने वाली इस महाबैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है:

  • विपक्षी एकजुटता को और मजबूत करना।
  • राष्ट्रीय स्तर के बड़े मुद्दों पर सभी दलों के बीच बेहतर तालमेल बनाना।
  • गठबंधन की भविष्य की राजनीतिक और चुनावी रणनीति तैयार करना।