एमएलए फर्जी हस्ताक्षर केस में वकील बदले जाने से नाराज टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर उन्हें अपमानित करने का आरोप लगाया है।
टकराव: कल्याण बनर्जी-अभिषेक बनर्जी
टीएमसी में बगावत के बीच अब पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी को लेकर ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने साफ़ साफ़ कह दिया कि या तो अभिषेक बनर्जी को चुनें या फिर पार्टी कार्यकर्ता के रूप में उन्हें। एमएलए फर्जी हस्ताक्षर केस में अभिषेक बनर्जी के वकील रहे कल्याण बनर्जी आखिरी समय में वकील बदले जाने से नाराज हैं। उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर उन्हें अपमानित करने का आरोप लगाया है।
कल्याण बनर्जी ने बताया कि उनके बेटे ने बुधवार रात को उन्हें फोन करके बताया कि अब उन्हें अभिषेक बनर्जी के कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में कोर्ट में नहीं जाना है। उनकी जगह अब वकील किशोर दत्ता को रखा गया है। उन्होंने कहा, 'अभिषेक को सीनियर्स का सम्मान करना नहीं आता। वह बहुत घमंडी है। वह कभी मुझ पर भरोसा नहीं करता था और न कभी करेगा।'
कल्याण बनर्जी ने फर्जी हस्ताक्षर मामले में आखिरी समय में अभिषेक बनर्जी के अपने वकील बदले जाने को 'अपमान' और 'अनादर' बताया। कल्याण बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, '...मैं किसी भी मामले में अभिषेक बनर्जी का केस नहीं लड़ूंगा क्योंकि मुझे उनका घमंडी रवैया पसंद नहीं है। मैंने इस पेशे में 45 साल बिताए हैं; ये सभी लोग मेरे साथ जूनियर के तौर पर काम कर चुके हैं। वह मेरा अपमान कैसे कर सकते हैं? राजनीति में भी मैं उनसे सीनियर हूं। वह ऐसा नहीं कर सकते। उन्हें यह समझना होगा कि उन्हीं की वजह से हम हारे।'
'संकट के लिए अभिषेक ज़िम्मेदार'
इसके साथ ही कल्याण बनर्जी ने चुनाव में हार के बाद पार्टी में आए संकट के लिए भी अभिषेक बनर्जी को ज़िम्मेदार ठहरा दिया। उन्होंने अभिषेक पर पार्टी को बर्बाद करने का आरोप लगाया। कल्याण बनर्जी ने कहा, 'उन्हें यह भी समझना होगा कि पार्टी आज जिस संकट का सामना कर रही है, वह उन्हीं की वजह से है। मैं अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता।' उन्होंने कहा, मैं दीदी से गुजारिश करूंगा- अगर आप अभिषेक बनर्जी पर निर्भर रहना चाहती हैं, तो उन्हीं के साथ रहें- मुझे छोड़ दें। लेकिन अगर आप अभिषेक बनर्जी से अलग हो जाती हैं, तो मैं आपके साथ हूं। उन्होंने हमारी पार्टी को बर्बाद कर दिया है। कल्याण बनर्जी
टीएमसी सांसद
कल्याण बनर्जी ने यह भी कहा कि जब सीआईडी ने ममता बनर्जी के घर पर छापा मारा था, तब वे खुद मौजूद थे। तब ममता दिल्ली में थीं। कल्याण ने सीआईडी पर सवाल भी उठाया कि एजेंसी दो गवाह क्यों लेकर आई थी, जो कथित तौर पर बीजेपी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने सीआईडी की छापेमारी के ख़िलाफ़ याचिका भी दायर की थी, लेकिन सुनवाई से पहले ही उन्हें केस से हटा दिया गया। कल्याण बनर्जी ने ग़ुस्से में कहा, 'क्या मुझे कचरे की टोकरी समझा गया है?'
अभिषेक की जाँच एजेंसी के सामने पेशी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को अभिषेक बनर्जी को सीआईडी के सामने पेश होने का आदेश दिया था और उन्हें गिरफ्तारी से अस्थायी सुरक्षा भी दी थी। अभिषेक बनर्जी अभी दिल्ली में हैं। यह पूरा विवाद तृणमूल कांग्रेस के दो विधायकों ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से जुड़ा है। इन दोनों विधायकों को बाद में पार्टी से निकाल दिया गया था।टीएमसी में बगावत
फर्जी हस्ताक्षर के आरोप लगाए जाने की इस घटना के बाद विधायकों ने बगावत कर दी। ममता बनर्जी द्वारा सोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाए जाने का कई विधायकों ने विरोध किया। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी विधायकों ने कहा कि वे ऋतब्रत को विपक्ष का नेता बनाना चाहते हैं।'दीदी को कभी नहीं छोड़ूंगा': शत्रुघ्न सिन्हा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ के बाद तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि वह ममता बनर्जी का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे। शत्रुघ्न सिन्हा ने गुरुवार को उन खबरों का मजाक उड़ाया जिसमें कहा जा रहा था कि वो पार्टी के बागी गुट में शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'मेरे बारे में बहुत कुछ कहा जा रहा है। कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं विद्रोही गुट का हिस्सा हूं। ये सब सच नहीं है।' उन्होंने आगे कहा, 'ममता बनर्जी ने मुश्किल वक्त में मेरा साथ दिया था। अब मुश्किल समय में मैं उनका साथ दूंगा।' उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने आसनसोल से लोकसभा चुनाव दीदी के कहने पर ही लड़ा था। इसलिए वो दीदी को कभी नहीं छोड़ेंगे।
उनकी यह सफाई तब आई है जब टीएमसी के बागी सांसदों के उस पत्र में उनके नाम होने की ख़बरों के बीच शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रधानमंत्री मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी जिससे अटकलें शुरू हो गईं।विधायकों की बगावत के बाद सांसदों ने भी बगावत का रास्ता चुना। जब ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन की बैठक में व्यस्त थीं तो टीएमसी के कई बागी सांसद दिल्ली में ही बीजेपी मंत्री के घर पहुँचे हुए थे। बाद में बगावत में शामिल सांसद शर्मिला सरकार ने दावा किया कि पार्टी के 20 लोकसभा सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर घोषणा कर दी है कि वे ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी से अलग होकर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होना चाहते हैं। हालाँकि, टीएमसी ने कहा कि बागियों के साथ 20 सांसद नहीं हैं। रिपोर्ट आ रही है कि 19 सांसद बागी खेमे में हैं।
कल्याण बनर्जी का क्या होगा?
कल्याण बनर्जी लंबे समय से ममता बनर्जी के वफादार माने जाते हैं। हाल के दिनों में कई विधायकों के पार्टी छोड़ने के बावजूद वे ममता के साथ डटे रहे। लेकिन अभिषेक बनर्जी के साथ इस घटना ने उनके गुस्से को बाहर निकाल दिया है। अभी यह साफ़ नहीं है कि ममता बनर्जी या तृणमूल कांग्रेस की तरफ़ से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया आई है या नहीं। लेकिन कल्याण बनर्जी का यह खुला हमला और अल्टीमेटम पार्टी की अंदरूनी कलह को सामने लाता है। अभिषेक बनर्जी ने अभी तक कल्याण बनर्जी के आरोपों पर कोई बयान नहीं दिया है।