ममता-अखिलेश मुलाकात पिछले महीने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कालीघाट में उनसे मुलाकात की थी। बैठक में, दोनों नेताओं ने कांग्रेस के साथ दूरी बनाए रखने और 2024 के चुनावों में भाजपा के खिलाफ क्षेत्रीय ताकतों की एकता पर ध्यान केंद्रित करने पर सहमति व्यक्त की। अखिलेश से मिलने के तुरंत बाद, ममता बनर्जी ओडिशा गईं और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ बैठक की। इसके बाद जनता दल (सेक्युलर) के नेता एच.डी. कुमारस्वामी ने बनर्जी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में सबसे महत्वपूर्ण बातचीत अखिलेश से रही, क्योंकि अखिलेश की पार्टी सपा यूपी में मुख्य विपक्षी दल है। फिलहाल वो कांग्रेस को साथ लेने के पक्ष में नहीं लग रही है।
कांग्रेस के बिना कुछ नहींः नीतीश कुमार ने इस महीने की शुरुआत में, बिहार के सीएम ने अपने डिप्टी तेजस्वी यादव के साथ राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल सहित कई प्रमुख नेताओं से मुलाकात की, ताकि अगले साल के आम चुनावों से पहले मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष को एकजुट किया जा सके। बैठक के बाद, कुमार ने कहा था कि वो सभी विपक्षी दलों को एक साथ लाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। उन्होंने कहा कि हमने कांग्रेस के साथ आखिरी दौर की बातचीत पूरी कर ली है। नीतीश की राहुल गांधी और खड़गे से मुलाकात के बाद यह तस्वीर उभरी की कांग्रेस विपक्षी एकता में बड़ी भूमिका में रहेगी। उसके बिना विपक्षी एकता मुमकिन भी नहीं है।