पीएम मोदी ने वडोदरा में युवाओं से कहा कि वे कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के 'झूठे दावों' के बहकावे में न आएं। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि लोग 'झूठ की गूंज' के ज़रिए आपको गुमराह करने की कोशिश करेंगे, लेकिन युवा सच्चाई के साथ खड़े रहेंगे।
'नाराज़ फूफा जी', 'दिमागी नक्सल' जैसी टिप्पणियों के लिए आलोचना झेल रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब फिर से अपने आलोचकों के लिए इन्हीं शब्दों से और जोरदार हमला किया है। पीएम मोदी ने गुजरात के वडोदरा में आयोजित 'NaMo for Viksit Bharat' कार्यक्रम के दौरान विपक्ष, खासकर, राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे विपक्ष के 'झूठे दावों' और 'भ्रामक प्रचार' से प्रभावित न हों। भाषण में प्रधानमंत्री ने एक बार फिर सरकार की आलोचना करने वालों को 'नाराज़ फूफा जी' कहकर संबोधित किया और कहा कि कुछ लोग हर अच्छे काम में भी कमी निकालने का काम करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि देश में कुछ ऐसे लोग हैं जो किसी भी विकास परियोजना में सकारात्मक पक्ष देखने के बजाय केवल सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि जब मालगाड़ी के लिए समर्पित फ्रेट कॉरिडोर तैयार हुआ तो कुछ लोग पूछने लगे कि अब ट्रक चालकों का क्या होगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'एक नाराज़ फूफा जी तुरंत कहेंगे कि अब ट्रक वालों का क्या होगा? अरे फूफा जी, अब उनके लिए भी काम है।'
यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री ने 'नाराज़ फूफा जी' शब्द का इस्तेमाल किया है। इससे पहले भी उन्होंने सरकार के आलोचकों के लिए इसी उपमा का प्रयोग किया था। उस समय विपक्ष ने इस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।
कांग्रेस पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री ने बिना राहुल गांधी का नाम लिए कहा कि कुछ लोग लगातार झूठ फैलाकर युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "लोग 'झूठ की गूंज' के जरिए आपको भ्रमित करने की कोशिश करेंगे, लेकिन मुझे विश्वास है कि देश का युवा हमेशा सच्चाई के साथ खड़ा रहेगा।" प्रधानमंत्री की 'झूठ की गूंज' यह टिप्पणी राहुल गांधी और कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान को लेकर मानी जा रही है। उन्होंने युवाओं से कहा कि किसी भी दावे पर विश्वास करने से पहले तथ्यों की जांच जरूर करें।
‘छात्रों की गूंज’ से परेशान हैं पीएम?
कांग्रेस आरोप लगा रही है कि राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम से मोदी सरकार डरी हुई है और इसी वजह से वह 'नाराज़ फूफा जी', 'दिमागी नक्सल' और 'झूठ की गूंज' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही है। जून 2026 में राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा से यह अभियान शुरू किया है। इसका मकसद पेपर लीक, परीक्षाओं में अनियमितता, महंगी शिक्षा-कोचिंग फीस, भर्ती में देरी और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर छात्रों-युवाओं की आवाज उठाना है। कांग्रेस इसे 800 शहरों तक फैलाने की योजना बना रही है। राहुल इनमें छात्रों से संवाद करते हैं और सरकार की आलोचना करते हैं।
कुछ कार्यक्रमों में अनुमति रद्द होने, पुलिस शर्तों या प्रशासनिक अड़चनों को कांग्रेस युवाओं की आवाज से सरकार का डर बताती है। सुप्रिया श्रीनेत जैसी नेताओं ने कहा कि बीजेपी शासित राज्यों में व्यवधान पैदा किए जा रहे हैं। यूपीए सरकार पर भी बोला हमला
बहरहाल, कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने क़रीब 35 हज़ार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 2800 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को उन्होंने 21वीं सदी की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भारत की अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को नई गति देगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह परियोजना अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय शुरू हुई थी, लेकिन 2004 से 2014 के बीच इसकी रफ्तार बेहद धीमी रही। उन्होंने कहा, 'यह परियोजना 2004 में शुरू हुई थी, लेकिन 2014 तक इसमें कोई खास प्रगति नहीं हुई। बीजेपी सरकार आने के बाद इसे तेज़ी से पूरा किया गया।' प्रधानमंत्री ने बताया कि इस कॉरिडोर से माल ढुलाई तेज होगी, उद्योगों को फायदा मिलेगा और सड़क परिवहन पर दबाव भी कम होगा।प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्व यूपीए सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने रेलवे के आधुनिकीकरण पर तेज़ी से काम किया है। उन्होंने दावा किया, '2014 के बाद भारत ने 50 हजार आधुनिक रेलवे कोच बनाए, जबकि पिछली सरकार 10 साल में 50 हजार शौचालय भी नहीं बना सकी।' उन्होंने कहा कि देश अब 'चिप्स से लेकर शिप' तक विनिर्माण के नए दौर में प्रवेश कर रहा है और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
जेन ज़ी को लुभाने की कोशिश
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था पर काम कर रही है जिसके तहत गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को देश के बेहतरीन शिक्षकों से मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग मिल सके।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि कौशल (स्किल) भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने और युवाओं पर कोचिंग का आर्थिक बोझ कम करने की दिशा में काम कर रही है।
इधर, प्रधानमंत्री के 'नाराज़ फूफा जी' वाले बयान पर विपक्ष पहले भी आपत्ति जता चुका है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हाल ही में कहा था कि प्रधानमंत्री हर साल आलोचकों के लिए नया विशेषण गढ़ते हैं, लेकिन सरकार की नीतियां नहीं बदलतीं। उन्होंने 'नाराज़ फूफा', 'अर्बन नक्सल', 'दिमागी नक्सल' और 'खान मार्केट गैंग' जैसे शब्दों का जिक्र करते हुए सरकार पर विपक्ष को बदनाम करने का आरोप लगाया था।
बहरहाल, वडोदरा के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने एक ओर बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया, वहीं दूसरी ओर अपने भाषण का बड़ा हिस्सा विपक्ष की आलोचना और युवाओं से संवाद पर केंद्रित रखा। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और युवाओं की भूमिका इसमें सबसे बड़ी होगी। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे राजनीतिक दावों की बजाय तथ्यों और विकास के आधार पर अपनी राय बनाएँ।