loader

ज्ञानी कहेंगे कि 2022 के चुनाव नतीज़ों ने 2024 का निर्णय दे दिया है: पीएम मोदी

उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड सहित पाँच राज्यों में चुनाव नतीजों को लेकर गदगद प्रधानमंत्री मोदी आज बेहद उत्साहित दिखे। उन्होंने राजनीतिक विश्लेषकों का हवाला देते हुए कहा है कि अब वे कहेंगे कि 2022 के नतीजों ने 2024 के नतीजे दे दिए हैं। उन्होंने पाँचों राज्यों में अपनी पार्टी के प्रदर्शन की जमकर तारीफ़ की। 

प्रधानमंत्री मोदी ने यह संबोधन तब दिया है जब बीजेपी ने पाँच में से चार राज्यों में अपनी सत्ता बरकरार रखी है। उत्तर प्रदेश में उसने लगातार दूसरी बार जीत कर एक रिकॉर्ड कायम किया है। उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में भी बीजेपी ने बढ़िया प्रदर्शन किया। हालाँकि, पंजाब में आम आदमी पार्टी ने एकतरफ़ा जीत दर्ज की है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज उत्साह का दिन है। उन्होंने आगे कहा कि यह उत्सव का दिन है और ये उत्सव भारत के लोकतंत्र के लिए है। पीएम ने कहा कि यूपी ने देश को कई प्रधानमंत्री दिए हैं, लेकिन 5 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले मुख्यमंत्री के दोबारा चुने जाने का ये पहला मामला है। उन्होंने कहा कि यूपी में 37 साल बाद कोई सरकार लगातार दूसरी बार आई है।
ताज़ा ख़बरें
विधानसभा चुनावों के नतीजों के असर को लेकर भी प्रधानमंत्री मोदी ने साफ़ तौर पर अपनी राय रखी। उन्होंने इशारों में ही कहा कि इस नतीजे का मतलब है कि 2024 में भी कुछ ऐसे ही नतीजे आएँगे। उन्होंने कहा, 

2019 के चुनाव नतीजों के बाद कुछ राजनीतिक ज्ञानियों ने कहा था कि 2017 के नतीजों ने 2019 के नतीजे तय कर दिए। मैं मानता हूँ इस बार भी वो यही कहेंगे कि 2022 के नतीजों ने 2024 के नतीजे तय कर दिए।


नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

उन्होंने यूपी के चुनाव नतीजों का खासकर ज़िक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैं बनारस का सांसद होने के नाते अपने अनुभव से कह सकता हूँ कि यूपी के लोग ये बात समझ चुके हैं कि जाति को बदनाम करने वालों से, सम्प्रदाय को बदनाम करने वालों से अब दूर रहना है और राज्य के विकास को ही सर्वोच्च प्राथमिकता देनी है।' उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के नागरिकों को जातिवाद में बांटकर वे उन जातियों और उन नागरिकों का अपमान करते थे, पूरे उत्तर प्रदेश का अपमान करते थे।
राजनीति से और ख़बरें

प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर भी यह कहते हुए निशाना साधा कि वह संस्थाओं को बदनाम करते हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के लिए संस्थाओं के ख़िलाफ़ मैदान में आ जाते हैं और इन संस्थाओं पर दबाव बनाने लगते हैं। 

पीएम मोदी ने कहा, 'जाँच एजेंसियों को रोकने के लिए ये लोग अपने ईको सिस्टम के साथ मिलकर नए-नए तरीक़े खोजते हैं। इन्हें देश की न्यायपालिका पर भी भरोसा नहीं है।'

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

राजनीति से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें