loader

राहुल से मिले संजय राउत; बोले- विपक्ष का एक ही फ्रंट होना चाहिए

शिव सेना के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाक़ात की। यह मुलाक़ात 45 मिनट तक चली। राउत बुधवार को पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मिलेंगे। बीते दिनों पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जब ये कहा कि यूपीए क्या है और यूपीए कुछ नहीं है तो शिव सेना ने उन्हें जवाब दिया था। 

मुलाक़ात के बाद राउत ने पत्रकारों से कहा, “विपक्ष को कैसे साथ रखना है, इस बारे में चर्चा हुई है। हमने पहले भी कहा है कि अगर कोई फ्रंट बनता है तो वह कांग्रेस के बिना संभव नहीं है। कोई अगर अलग फ्रंट बनाएगा तो कांग्रेस के नेतृत्व वाला फ्रंट तो अपना काम करेगा ही।” उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जल्द ही मुंबई आने वाले हैं और मुलाक़ात के दौरान पांच राज्यों के चुनाव पर भी बात हुई है। 

उन्होंने कहा कि विपक्ष का एक ही फ्रंट होना चाहिए और ज़्यादा फ्रंट का कोई मतलब नहीं है। शिव सेना के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि वह इसे लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को जानकारी देंगे। 

ताज़ा ख़बरें
विपक्ष का एक ही फ्रंट होना चाहिए, यह बयान देकर शिव सेना ने ममता बनर्जी को साफ संदेश दिया है कि वह कांग्रेस के बिना अलग से कोई फ्रंट बनाने की कोशिश न करें।

राउत ने कुछ दिन पहले भी कहा था, “कई राज्यों में कांग्रेस का आधार है। कांग्रेस के साथ हम सब मिलकर काम करें तो एक अच्छा फ्रंट बन बनेगा। जहां सब लोग एक साथ रहें और इसका आदर्श उदाहरण महाराष्ट्र है।” 

शिव सेना ने अपने मुखपत्र सामना में भी लिखा था कि कांग्रेस को राष्ट्रीय राजनीति से दूर रखकर सियासत करना मौजूदा ‘फासिस्ट’ राज की प्रवृत्ति को बल देने जैसा है। 

Sanjay Raut MET Rahul gandhi - Satya Hindi

महा विकास अघाडी सरकार में शामिल शिव सेना ने सामना में खुलकर कांग्रेस की तरफ़दारी करते हुए कहा था कि आज भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की राजनीतिक बदनामी की जा रही है और वे इससे संघर्ष कर रहे हैं। 

शिव सेना ने कहा था कि अगर प्रियंका लखीमपुर खीरी नहीं पहुंचतीं तो किसानों की हत्या का मामला रफा-दफा हो गया होता। यही विपक्ष का काम है। ममता बनर्जी और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को जवाब देते हुए शिव सेना ने कहा था कि यूपीए नेतृत्व का दैवीय अधिकार किसका यह आनेवाला समय तय करेगा, पहले विकल्प खड़ा करो!

राजनीति से और ख़बरें
निश्चित रूप से शिव सेना ने यह साफ कर दिया है कि बीजेपी और एनडीए के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय स्तर पर कोई गठबंधन बनाना है तो कांग्रेस को साथ लेना ही होगा। लेकिन ममता बनर्जी शायद ऐसा नहीं चाहतीं। वे कांग्रेस को पीछे रखकर ख़ुद एक गठबंधन बनाकर उसका नेतृत्व करना चाहती हैं लेकिन सवाल यही है कि तमाम बड़े क्षेत्रीय दल क्या ममता को अपना नेता मान लेंगे? 
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

राजनीति से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें