मजीठिया और सिद्धू दोनों ही पंजाब की सियासत के बड़े नेता हैं और इन दोनों के आमने-सामने आने से अमृतसर ईस्ट सीट पर जोरदार जंग देखने को मिलेगी।
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने एलान किया है कि पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ ताल ठोकेंगे। मजीठिया और सिद्धू दोनों ही पंजाब की सियासत के बड़े नेता हैं और ऐसे में इन दोनों के आमने-सामने आने से निश्चित रूप से एक जोरदार जंग देखने को मिलेगी। दोनों नेता अमृतसर ईस्ट सीट से हुंकार भरेंगे।
नवजोत सिंह सिद्धू बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ नशे के मामले में पिछले कई सालों से मोर्चा खोले हुए हैं। सिद्धू इसको लेकर पहले अमरिंदर सिंह और अब चरणजीत सिंह चन्नी पर भी दबाव बनाते रहे कि मजीठिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बीते महीने चन्नी सरकार ने मजीठिया के खिलाफ ड्रग्स मामले में एफआईआर दर्ज करा दी थी और केंद्र सरकार ने भी उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया था।
मजीठिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के कारण अकाली दल मुश्किलों में घिर गया था लेकिन सुखबीर बादल ने मजीठिया को सिद्धू के खिलाफ उतारकर यह बता दिया है कि अकाली दल कांग्रेस के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगा।
मजीठिया सुखबीर बादल के साले और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के भाई भी हैं। अकाली दल की सरकारों के दौरान मजीठिया का अपना बड़ा सियासी वजूद हुआ करता था।
नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर ईस्ट सीट से कई बार चुनाव जीत चुके हैं और इसलिए इस हलके में वह काफी मजबूत हैं। जबकि बिक्रम सिंह मजीठिया का सियासी हलका मजीठा भी अमृतसर के पास ही है इसलिए मजीठिया को यहां से चुनाव लड़ने में बहुत ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। मजीठिया इसके साथ ही अपने पुराने हलके मजीठा से भी चुनाव लड़ रहे हैं।
कुल मिलाकर पंजाब के चुनाव में इस बार अमृतसर ईस्ट हॉट सीट है।
जबरदस्त जंग
राज्य में सरकार चला रही कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच चुनाव में जबरदस्त टक्कर है। शिरोमणि अकाली दल-बीएसपी गठबंधन, बीजेपी की अगुवाई वाला गठबंधन और किसान भी पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में हैं। इसलिए एक-एक वोट और एक-एक सीट के लिए पंजाब के भीतर जबरदस्त लड़ाई है।