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फ़ोटो साभार: ट्विटर/वीडियो ग्रैब

काम का हिसाब मांगा तो पंजाब कांग्रेस के विधायक ने युवक को पीटा

क्या विधायक या किसी भी जनप्रतिनिधि से सवाल पूछना गुनाह है? पंजाब कांग्रेस के विधायक जोगिंदर पाल का जो एक वीडियो वायरल हुआ है उसे देखकर यही सवाल उठता है। वीडियो में दिखता है कि एक शख्स विधायक जोगिंदर पाल से विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्य पर सवाल पूछता है कि आख़िर उन्होंने क्या काम किया है? इस पर विधायक पास बुलाकर उसकी पिटाई कर देते हैं। 

इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। दयाराम रबारी नाम के एक ट्विटर यूज़र ने उस वीडियो को शेयर किया है। 

वीडियो में दिखता है कि कुछ लोगों के एक समूह को जोगिंदर पाल संबोधित कर रहे होते हैं। वह कहते सुने जा सकते हैं कि उन्होंने गांव में विकास कार्य को देखा है। यह सुनते ही भीड़ में किनारे खड़े एक युवक को बड़बड़ाते हुए सुना जा सकता है। इसको एक बार देखकर जोगिंदर पाल नज़रअंदाज़ करते हैं। इस बीच पुलिसकर्मी उस युवक को दूर हटाने की कोशिश करता है। इस दौरान युवक सवाल करते जाता है और पूछता है, 'आख़िरकार आपने किया क्या है?' 

इस सवाल पर जोगिंदर सिंह प्रतिक्रिया देते हैं। वह युवक को आहिस्ते से पास बुलाते हैं। सामने बुलाकर वह थप्पड़ जड़ देते हैं। उनको पिटाई करते देख पास में खड़े पुलिसकर्मी भी पिटाई करने लगते हैं। आसपास खड़े लोग भी पिटाई करने लगते हैं। हालाँकि इस बीच उसको कुछ लोग वहाँ से निकालकर बाहर ले जाते हैं।

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सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों की ज़िम्मेदारी आख़िरकार आम लोगों के प्रति ही होती है, ऐसे में हर सवाल का जवाब देने की ज़िम्मेदारी उनकी ही तो बनती है? मतदान प्रक्रिया द्वारा चुने गए सभी प्रतिनिधि सीधे जनता के प्रति ही जवाबदेह होते हैं। 

सवाल उठे तो कांग्रेस की तरफ़ से सफ़ाई भी आई। राज्य के गृह मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा, 

विधायक को इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए था। हम जनता के प्रतिनिधि हैं और यहाँ उनकी सेवा करने के लिए हैं।


सुखजिंदर सिंह रंधावा, गृह मंत्री

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पंजाब में अगले कुछ महीनों में ही चुनाव होने हैं। ऐसे में कांग्रेस विधायक का इस तरह का रवैया पार्टी को बहुत महंगा पड़ सकता है। वह भी उस राज्य में जहाँ पार्टी पहले से ही अंदरुनी क़लह से जूझ रही है। हाल ही कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे अमरिंदर सिंह और नवजोत सिद्धू के बीच तीखी और विस्फोटक लड़ाई चली। अमरिंदर सिंह पार्टी को मुख्यमंत्री पद गँवाना पड़ा। इस बीच जब चरणजीत चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया तो बाद में सिद्धू ने ढाई महीने में ही पंजाब में अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया। अभी भी राज्य में जब तब अंदरुनी तनाव की ख़बरें आती रही हैं। अब कैप्टन ने नयी पार्टी की घोषणा की है और सशर्त बीजेपी से हाथ मिलाने का संकेत भी दिया है। 

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